मुख्यमंत्री के झूठे वादे और हमारे सरोकार

प्रो. अमरनाथकलकत्ता (पश्चिम बंगाल )**************************** हाल-ए-बंगाल… कल के ‘प्रभात खबर’ की खबर देखकर चौंक गया। ११ जनवरी २०२४ की पत्रकारवार्ता मैंने भी देखी थी। मुख्यमंत्री का आश्वासन पाकर मैंने भी खुशी मनायी थी। सार्वजनिक रूप से आश्वासन देकर बाद में मुकर जाना ममता बनर्जी के आचरण में मैंने पहली बार देखा और उनसे मोहभंग भी … Read more

‘रावण’ पत्नी होकर भी सदगुणी-पतिव्रता रही ‘मंदोदरी’

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* पंचकन्या (भाग ७)… प्रात:स्मरणअहल्या द्रौपदी सीता तारा मंदोदरी तथा।पंचकन्या ना स्मरेन्नित्यं महापातकनाशनम्॥इस भाग में हम सकल गुणवती पंचम पंचकन्या मंदोदरी के बारे में और जानेंगे। मंदोदरी एक समय सीता के बारे में कहती है,-“सीता मेरे जितनी रूपमती नहीं, परन्तु वह इंद्र की पत्नी शची तथा चंद्र की पत्नी रोहिणी के समान … Read more

बाजारीकरण के युग में शिक्षक की नई भूमिका

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** शिक्षक समाज का दर्पण… हर साल ५ सितंबर को जब ‘शिक्षक दिवस’ मनाया जाता है, तो हमें बचपन के वो सुनहरे दिन याद आ जाते हैं, जब शिक्षक सिर्फ शिक्षक हुआ करते थे, बाज़ार के विक्रेता नहीं। तब शिक्षा एक पवित्र कर्म थी, जिसे प्रदान करने वाले गुरु कहलाते थे, … Read more

शिक्षक:कल, आज और कल, विचार करें

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* शिक्षक समाज का दर्पण…. महनीय शिक्षाविद सर्वप्रिय शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन अपने एक प्रसिद्ध भाषण में कहते हैं,-“शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति को समाज के लिए उपयोगी बनाना भी है। एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थियों को न केवल ज्ञान देता है, बल्कि उन्हें अच्छे नागरिक … Read more

समाज का शिल्पकार शिक्षक

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** शिक्षक समाज का दर्पण… एक नवजात शिशु जब जन्म लेता है, तो उसकी पहली शिक्षक उसकी माँ होती है। माँ उसके शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी करती है। उसको बोलना, चलना, उठना, बैठना, खाना-पीना आदि सभी कार्यों को सिखाती है। बच्चे का पहला विद्यालय उसका घर होता है, जहाँ … Read more

धुंधली होती शिक्षकीय आदर्श परम्परा पर ठोस कार्य जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली************************************** शिक्षक दिवस विशेष… शिक्षक उस माली के समान है, जो एक बगीचे को अलग-अलग रूप-रंग के फूलों से सजाता है। जो छात्रों को संकटों में भी मुस्कुराकर चलने के लिए प्रेरित करता है। आज शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण एवं शिक्षा को हर घर तक पहुँचाने के लिए तमाम सरकारी प्रयास किए … Read more

सफलता-शिखर का वाहक शिक्षक

विजय किशोर तिवारीजनकपुरी (दिल्ली)********************************************* शिक्षक समाज का दर्पण… भारतवर्ष में शिक्षक को ‘आचार्य’ की उपाधि प्राप्त है। अर्थात भारत में शिक्षक से यह उम्मीद की जाती है कि वह छात्रों को ‘आचरण-युक्त’ शिक्षा प्रदान करे। शिक्षक छात्रों को ज्ञान, नैतिकता, व्यवहार कुशलता के साथ योग्यता भी प्रदान करता है, जिसके कारण एक आदर्श मानव समाज … Read more

तांत्रिक चौराहा…

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** “जरा बच के चलो, कितनी बार कहा है, चौराहे के बीच से न चला करो!” ये शब्द मेरे कानों में लगभग रोज ही पड़ते हैं, जब मैं मॉर्निंग वॉक पर होता हूँ, मेरे पीछे ही चौकस निगाहों से मेरे वॉक की निगरानी करती हुई लगभग अपने- आपको घसीटते हुई श्रीमती … Read more

आत्मा के उन्नयन का उत्सव, पाथेय भी

देवेन्द्र ब्रह्मचारीदिल्ली*************************************** पर्यूषण महापर्व (३१ अगस्त- से ७ सितम्बर) विशेष जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पर्यूषण पर्व। यह ग्रंथियों को खोलने की सीख देता है। इस आध्यात्मिक पर्व के दौरान कोशिश यह की जाती है कि जैन कहलाने वाला हर व्यक्ति अपने जीवन को इतना मांज ले कि वर्ष भर की जो भी ज्ञात-अज्ञात … Read more

डंकी रूट:बढ़ती बेरोजगारी समस्या का बड़ा कारण

ललित गर्ग दिल्ली************************************** भारतीयों में विदेश जाकर पढ़ने और नौकरी का उत्साह है, यह सालों से रहा है। पंजाब, गुजरात के लोगों ने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन में अपनी अच्छी जगह बनाई है लेकिन हाल के सालों में बहुत सारे भारतीय गैर-कानूनी यात्रा के शिकार होकर कुछ ने अपनी जान गवांई है तो कुछ अनेक तकलीफों … Read more