नव वर्ष का उपहार
पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ सुमित्रा की आँखों से अश्रुधारा निरंतर बह रही थी, आज वह बेसहारा हो गई थी। नीरा आंटी आज अचानक रात में सोईं तो सोती रह गई। उसके सिर के ऊपर से छत छिन गई थी। उसकी पालनहार आज दुनिया से विदा हो गईं थीं। वह उसे बेटी की तरह मानती थीं, कई … Read more