माँ की साधना

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ का सारा जीवन एक साधना है। माँ को समर्पित मेरी हर आराधना है॥ कितनी बार ये सोचा होगा मर जाती हूँ, जीवन दु:ख का सागर है,मैं टर जाती हूँ। पर मेरे मुख को देख सही हर यातना है, माँ को समर्पित मेरी … Read more

बाल मजदूरी

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ******************************************************** आज प्राचार्य पद से अनूप जी की सेवानिवृत्ति का दिन था। चूँकि,वे बहुआयामी प्रतिभा एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के धनी होने के साथ ही, गरीबों के मसीहा भी थे,अतः उनकी सेवानिवृत्ति पर पुराने सहकर्मी, निवर्तमान विद्यार्थी और ग्रामीणों से विद्यालय प्रांगन खचाखच भरा था। बहुत ही आदरपूर्वक अनूप … Read more

उसके नाम से

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* जब-जब गले मिलेंगे यूँ पंडित इमाम से, गोहर मिलेंगे देश को अब्दुल कलाम से। ऐसी हवा चली है सियासत की आजकल, कोई ख़फ़ा अज़ां से कोई राम-राम से। मेहनत से हुई शीश महल जब ये झोपड़ी, पत्थर उछालता है कोई इंतक़ाम से। कल रात जाग-जाग सुलाई थी … Read more

पवन पुत्र हनुमान

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* जिनके हृदय में राजते श्री राम हैं, अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैंl प्रभु के संकट हर कहलाये संकटमोचन, सागर तर के लंका पहुँचे चार सौ योजन। श्री राम के भी बिगड़े बनाये काम हैं, अंजनी नंदन पवन पुत्र हनुमान हैं॥ जन्मोत्सव है आज तुम्हारा केसरी नंदन, … Read more

बिरहन बेचारी

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष…………… मैं थी इक धरती न्यारी-सी, अपने सूरज की प्यारी-सीl मुझको प्रियतम का प्रेम मिला, मेरे आँचल में फूल खिला। गोदी महकी फिर क्यारी-सी, मैं थी एक धरती न्यारी-सी…ll मेरा बेटा मानव आया, बुद्धिजीवी सुंदर काया। पर उसे आ गया अहंकार, भूला मेरे … Read more

ज़िंदगानी दर्द की

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* इक मुकम्मल दास्तां है ज़िंदगानी दर्द की। मुस्कुराते लब के पीछे है निशानी दर्द कीl ठोकरों के बीज बो कर सींचती है अश्क से, ग़म की फसलें सब्ज़ करती बागबानी दर्द कीl गंगा यमुना में मिलाते कारखानों का ज़हर, अब नदी का ये सफ़र भी है रवानी … Read more