दिल्ली।
प्रसिद्ध साहित्यकार विष्णु प्रभाकर जी की ज्येष्ठ पुत्री श्रीमती अनीता प्रभाकर (विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान की पूर्व न्यासी) ने अनेक कहानियों, कविताओं आदि की रचना करते हुए हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। उनकी स्मृति में आयोजित उक्त कहानी प्रतियोगिता के लिए समय ३१ दिसम्बर २०२६ है।
विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान के अतुल कुमार (मंत्री) और नवीन कुमार गोयल (अध्यक्ष) के अनुसार स्पर्धा में सभी आयु वर्ग के कथाकार भाग ले सकेंगे। यह मूलतः हिंदी में, बोलचाल की हिंदी में हो व अन्य भाषा का धाराप्रवाह प्रयोग न हो। अप्रकाशित कहानी ही मान्य होगी, साथ ही विषय मानव एवं राष्ट्रीय जीवन मूल्यों के अन्तर्गत लगभग २०००-५००० शब्दों की होगी। आपने बताया कि यह शीर्षक बताते हुए ई-मेल के बोर्ड पर पोस्ट करनी होंगी। अंक तालिका में प्राप्त अंकों के आधार पर विजेता कथाकारों को सम्मान स्वरूप प्रथम पुरस्कार-११ हजार १००₹, द्वितीय-७५००₹, तृतीय- ५१०० ₹ और पाँच सांत्वना पुरस्कार (३१०० ₹ प्रत्येक) दिए जाएंगे। पुरस्कृत कहानीकारों को दिल्ली में आयोजन कर सम्मानित करने की योजना रहेगी। प्रतियोगी अपनी कहानियाँ ई-मेल (vishnuprabhakarpratishthan@gmail.com) पर भेजें।