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अभिनंदन का अभिनंदन

उमेशचन्द यादव
बलिया (उत्तरप्रदेश) 
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‘अभिनंदन’ का अभिनंदन है,
ऐ वीर तुम्हारा वंदन है।
दैत्यों के चंगुल में रहकर भी,
तुमने,साहस का किया ना खंडन है।
ऐ वीर तुम्हारा वंदन है…
अभिनंदन का अभिनंदन है॥

रहकर सर्पों के बीच में,
मूँछों को तनिक न झुकने दिया॥
कहकर भारत माता की जय,
जिसने वीरता का परिचय दिया।
आँखें बिछाकर स्वागत में,
भगवन का करते कीर्तन हैं।
ऐ वीर तुम्हारा वंदन है…
अभिनंदन का अभिनंदन है॥

कहे ‘उमेश’ ऐ वीर सिपाही,
पाक में कर दी तुमने तबाही।
भारत माँ के आँचल के तुम,
अटूट अनमोल सितारे हो।
लगता है आतंक मिटाने,
तुम धरती पर पधारे हो।
चेहरे पे चमक सीने में दर्द,
माथे पर तुम्हारे चंदन है।
ऐ वीर तुम्हारा वंदन है…
अभिनंदन का अभिनंदन है॥

परिचय-उमेशचन्द यादव की जन्मतिथि २ अगस्त १९८५ और जन्म स्थान चकरा कोल्हुवाँ(वीरपुरा)जिला बलिया है। उत्तर प्रदेश राज्य के निवासी श्री यादव की शैक्षिक योग्यता एम.ए. एवं बी.एड. है। आपका कार्यक्षेत्र-शिक्षण है। आप कविता,लेख एवं कहानी लेखन करते हैं। लेखन का उद्देश्य-सामाजिक जागरूकता फैलाना,हिंदी भाषा का विकास और प्रचार-प्रसार करना है।