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आए माता के नवराते

सौदामिनी खरे दामिनी
रायसेन(मध्यप्रदेश)

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आये माता के नवराते
माता को मना लो।
मंगलकरणी दुःखहारणी सिद्धिदात्री माँ,
माँ दुआरे भक्त पुकारे कष्ट निवार्णी माँ।
मुँह मांगी मुरादें पा लो,
माता को मना लो।
आये माता के नवराते॥

माँ शैलपुत्री ब्रम्हचारिणी,
चंद्रघंटा कूष्माण्डा
माता के गुण गा लो,
आए नवराते माता को मना लो॥

माँ स्कंदमाता कात्यायनी,
कालरात्री माँ गौरी नवम्।
सिद्धिदात्री माता के गुण गा लो,
आए नवराते माता को मना लो॥

सलकनपुर का लगा है मेला,
माँ विन्ध्यवासनी का।
माँगी मुरादें पूरी करती,
कन्या भोज कराओ।
माता के गुण गाओ,
आए नवराते माता को मना लो॥

परिचय-सौदामिनी खरे का साहित्यिक उपनाम-दामिनी हैl जन्म-२५ अगस्त १९६३ में रायसेन में हुआ हैl वर्तमान में जिला रायसेन(मप्र)में निवासरत सौदामिनी खरे ने स्नातक और डी.एड. की शिक्षा हासिल की हैl व्यवसाय-कार्यक्षेत्र में शासकीय शिक्षक(सहायक अध्यापक) हैंl आपकी लेखन विधा-गीत,दोहा, ग़ज़ल,सवैया और कहानी है। ब्लॉग पर भी लेखन में सक्रिय दामिनी की लेखनी का उद्देश्य-लेखन कार्य में नाम कमाना है।इनके लिए प्रेरणापुन्ज-श्री प्रभुदयाल खरे(गज्जे भैया,कवि और मामाजी)हैंl भाषा ज्ञान-हिन्दी का है,तो रुचि-संगीत में है।