ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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धरती के भगवान….
है धरती के भगवान चिकित्सक,
इनके जैसा कोई नहीं है सहायक।
मरने वाले को ये जीवन जो है देते,
उनके लिए तो बन जाते समर्थक।
अपाहिजों के लिए सहारा बन जाते,
बन जाते हैं वो इक नया पथ प्रदर्शक।
बेसहारों का एक अच्छा चिकित्सक,
नि:स्वार्थ भाव से बन जाते हैं पोषक।
समाज में स्वस्थ जीने के लिए चिकित्सक,
प्रयास करते रहते हैं हमेशा ही जागरूक।
ज्ञान से रोग-लक्षणों का पता करते चिकित्सक,
बीमारी का इलाज कर पीड़ा हर लेते चिकित्सक।
उनकी सेवा से रोगी की उम्र है बढ़ जाती,
पर थोड़ी-सी लापरवाही से मृत्यु भी हो जाती।
निर्भर करती है उनकी तो बस मनोदशा पर,
व्यापार न बनाए तो भगवान है चिकित्सक।
बन जाए व्यापार तो भगवान ही मालिक,
क्या से क्या अब तो बन जाए चिकित्सक॥