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एक राष्ट्र पुरुष का यूँ अचानक चले जाना…

डॉ. स्वयंभू शलभ
रक्सौल (बिहार)

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एक बार एक कार से स्कूटर की टक्कर हो गई। जो नौजवान कार चला था बाहर निकलकर स्कूटर वाले को गुस्से में बोला…-‘मैं गोवा के पुलिस कमिश्नर का बेटा हूँ…l’ स्कूटर वाले ने मुस्कुराते हुए कहा…-‘मैं गोवा का मुख्यमंत्री हूँ…l’ ऐसे ही थे मनोहर पर्रिकर।
हर कोई उनकी सादगी का कायल था। वे कहते थे…-चाय स्टॉल पर सभी नेताओं को चाय पीनी चाहिए,राज्य की सारी जानकारी यहां मिल जाती हैं। वह पंक्ति में लगकर खाना खाते थे,अपना काम भी कतार में लगकर ही करवाते थे। उन्हें हूटर लगी गाड़ियां पसंद नहीं थीं।
बतौर मुख्यमंत्री वो बिना किसी की फिक्र किए स्कूटर से कार्यालय पहुंच जाते थे। लोग उन्हें स्कूटरवाला मुख्यमंत्री भी कहते थे। अक्सर आधी बाँह की शर्ट पहनने वाले पर्रिकर साहब को वीआईपी संस्कृति पसंद नहीं थी,यही वजह थी कि वो रेस्तरां की बजाय फुटपाथ पर चाय-नाश्ता किया करते थे।
मुंबई आईआईटी से अभियांत्रिकी करनेवाले श्री पर्रिकर चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे। पहली बार २००० से २००२ तक, दूसरी बार २००२ से २००५,तीसरी बार २०१२ से २०१४ और चौथी बार १४ मार्च २०१७ से अब तक। २०१७ में जब भाजपा गोवा विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर थी, तब दूसरे दलों ने श्री पर्रिकर को मुख्यमंत्री बनाने की शर्त पर ही समर्थन दिया था।
इसके पहले ढाई साल तक वे देश के रक्षा मंत्री रहे। उन्होंने पहला आम चुनाव १९९१ में लड़ा था,पर हार गए थे। १९९४ के विधानसभा चुनाव में वह पहली बार जीते थे। जून १९९९ में वह नेता प्रतिपक्ष बने।
२०१३ में गोवा में भाजपा अधिवेशन चल रहा था। पूरे देश में बहस छिड़ी हुई थी कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे या नहीं,पर भाजपा की ओर से श्री मोदी का नाम खुलकर आगे बढ़ाने को कोई
तैयार नहीं था। इसी अधिवेशन के मंच से पहली बार श्री पर्रिकर ने श्री मोदी के नाम को इस पद के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावित किया था।
अपना सारा जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर देने वाले…आखिरी साँस तक जनता को अपना पूरा समय देने वाले सादगी,सरलता और साहस के प्रतीक श्री पर्रिकर अब हमारे बीच नहीं रहे…l
उनके निधन पर आज पूरा देश शोक में है…l हर कोई अपने इस प्रिय नेता को दिल से नमन कर रहा है…l नम आँखों से उन्हें अंतिम विदाई दे रहा है…l
स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसे बेदाग छवि वाले नेता बिरले ही मिलेंगे…l आपके योगदान को यह देश कभी नहीं भूल पायेगा…,सादर नमन…विनम्र श्रद्धांजलि…l