आगरा (मप्र)।
संत कबीर की ६२८वीं जयंती पर छावनी स्थित ग्रैंड होटल में कबीर उत्सव का आयोजन किया गया। चेतना इंडिया व साहित्य संगीत संगम की ओर से आयोजित इस उत्सव में विद्वानों ने कबीर की वाणी, दर्शन और रहस्यवाद पर गंभीर मंथन किया।
कबीर दास जी पर रचनाओं की संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रो. अंशवना सक्सेना, सुशील सरित और सुश्री पूजा तोमर ने कबीर की विविध रचनाओं को प्रस्तुत किया। लवेश अग्रवाल सहित हर्ष और शौर्य ने कबीर के दोहों की आकर्षक प्रस्तुति की।
मुख्य वक्ता प्रो. बीना शर्मा ने कहा कि कबीर की प्रासंगिकता पहले से आज अधिक है। मुख्य अतिथि प्रो. जय सिंह नीरज ने कहा कि कबीर अपने समय की व्यवस्था के लिए चुनौती थे। उनका साहित्य वर्तमान परिवेश में भी समाज के लिए चुनौतीपूर्ण है।
अरुण डंग ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि कबीर संत परंपरा के अनूठे कवि हैं।
आरंभ में चेतना इंडिया के अध्यक्ष अशोक अशु ने स्वागत संबोधन दिया।
संचालन दिनेश श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद दुर्गा विजय सिंह दीप ने माना।