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कहानी का वर्तमान स्वरुप बहुत व्यापक हो गया-संतोष श्रीवास्तव

भोपाल (मप्र)।

कहानी का वर्तमान स्वरुप बहुत व्यापक हो गया है। स्टोरी टेलिंग विधा बहुत पॉपुलर हो गई है। इंसान रास्ता चलते कहानी सुन रहा है। पर्यवरण के दृष्टिकोण से भी डिजिटल माध्यम उपयुक्त है। इसने कहानी के स्तर को आधुनिक बना दिया है। यही वजह है कि पत्रिकाओं की हालत चिंताजनक है।
     यह बात अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच के अभिनव आयोजन ‘कहानी संवाद ‘दो कहानी-दो समीक्षक’ में अध्यक्षता करते हुए अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की संस्थापक अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने कही। सोमवार की शाम को आभासी माध्यम में आयोजित इस कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय विश्वमैत्री मंच की संस्थापक अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने कहानियों की विस्तार से समीक्षा प्रस्तुत की।
  मुख्य अतिथि प्रो. रविकुमार मिश्र ने शेफालिका श्रीवास्तव की कहानी ‘दरकते रिश्ते’ और एकता अमित व्यास की कहानी ‘स्लीपिंग पार्टनर’ की समीक्षा करते हुए कहा कि ‘दरकते रिश्ते’ किसी इंसान की पूरी की पूरी ज़िन्दगी का सफ़र ही तो है। यह कहानी हमें सीख देती है कि आदर्श और यथार्थ के बीच हम कैसे समन्वय स्थापित कर सकते हैं।  शीर्षक ‘स्लीपिंग पार्टनर’ कहानी सुनने के बाद बहुत ही उपयुक्त लगा। इसका अर्थ वह नहीं है जो पहली बार पढ़कर लगता है। यह तो चिंतन पर बातें करता है। इस कहानी में आदिम रात्रि की महक नहीं है। इसके अनेक पक्ष हैं।
   विशिष्ट अतिथि प्रो. आदित्य हरि गुप्ता ने मंच का आभार व्यक्त किया और शेफालिका श्रीवास्तव की कहानी पर समीक्षात्मक टिप्पणी देते हुए कहा कि यह कहानी समाज में मनुष्य की बदलती चेतना की प्रवाहक है।
कुछ श्रोताओं ने भी विचार व्यक्त किए। कहानीकार रानी सुमिता, शिरीन भावसार, अरुणा शर्मा और पद्मश्री शामिल रहीं।
    डॉ. विनीता राहुरिकर ने अतिथियों का बहुत ही आत्मीय स्वागत किया। संचालन मुज़फ्फर इक़बाल सिद्दीकी ने किया। साहित्यकार आरती शर्मा ने सभी का आभार प्रकट किया।