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जनवादी गीतों-रचनाओं से किया मुंशी प्रेमचंद को याद

जयंती…

गया (बिहार)।

सार्वजनिक पुस्तकालय (सुदर्शन बिगहा) में प्रेमचंद जयंती पखवाड़ा मनाया गया। समारोह की शुरुआत मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस समारोह को दो सत्रों में मनाया गया।
प्रथम सत्र में ‘आज के दौर में प्रेमचंद की प्रासंगिकता’ विषय पर सभी ने प्रकाश डाला। विजय कुमार वर्मा (सेवानिवृत्त शिक्षक) ने कहा कि, प्रेमचंद जी ने जिन परिस्थितियों को उजागर किया था, वह आज भी व्याप्त हैं। बस रूप बदल गया है। शिव संत कुमार ने कहा कि, प्रेमचंद की लेखनी हमें सामाजिक परिस्थितियों से रू-ब-रू कराती है। अजीत कुमार ने कहा कि, प्रेमचंद जी ने बरसों पहले साहित्यकार के धर्म को उजागर किया है, जिन्हें लोग आज भूलते जा रहे हैं। आज की परिस्थिति देखकर प्रेमचंद का दिल अवश्य दुखता होगा।
कृष्णदेव सिंह और बंशी शरण सिंह आदि ने भी बात रखी।

दूसरे सत्र में कवियों ने प्रेमचंद जी को समर्पित कविताएं पढ़ीं, तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया। बंशी शरण सिंह ने एक से एक जनवादी गीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। अध्यक्षीय भाषण में अध्यक्ष मो. शमीम कौशर ने कहा कि, साहित्यकार समाज का मार्गदर्शक होता है। उसे प्रेमचंद जी से निरंतर सीख लेनी चाहिए। मंच संचालन अजीत कुमार ने किया। श्री सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।