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`जन्माष्टमी` एक पौराणिक त्योहार

गुलाबचंद एन.पटेल
गांधीनगर(गुजरात)
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कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष……….


इस साल जन्माष्टमी कब है,इसके लिए लोग उलझन में हैंl कुछ जानकार लोगों का कहना है कि,भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी के दिन और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था,अत: जन्म अष्टमी तिथि हैl इस लिहाज से यह दोनों संयोग २३ अगस्त को बनते हैंl हर साल जन्माष्टमी की तिथि में अन्तर आता हैl शैव सम्प्रदाय जिस दिन जन्माष्टमी मनाते हैं,उसके दूसरे दिन वैष्णव सम्प्रदाय द्वारा जन्माष्टमी मनाई जाती हैl जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी,इसे लेकर लोगों में उलझन होती है-२३ अगस्त या फिर २४ अगस्त !
जन्माष्टमी को श्री कृष्ण के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता हैl यह पर्व पूरी दुनिया में पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता हैl श्रीकृष्ण,यशोदा मैया के लाल होते हैं,तो कभी ब्रज के नटखट कान्हाl रक्षा बंधन के बाद भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में अष्टमी के दिन इनका जन्मदिन मनाया जाता हैl
श्रीकृष्ण देवकी और वासुदेव की आठवीं सन्तान थेl मथुरा में उस समय राजा कंस था,वो बहुत ही अत्याचारी थाl उसका अत्याचार बहुत ही बढ़ गया था,ऐसे में एक समय आकाशवाणी हुई कि,उसकी बहन देवकी का आठवां पुत्र कंस का वध करेगाl यह सुनकर कंस ने देवकी के सात बच्चों को मार डाला थाl उसे उसके पति के साथ कोठरी में डाल दिया थाl जब देवकी ने श्रीकृष्ण को जन्म दिया तो विष्णु जी का आदेश हुआ कि,कृष्ण को गोकुल में यशोदा माता और नंद बाबा के पास पहुंचाया जाए,जहाँ वो अपने मामा कंस से सुरक्षित रहेगाl श्रीकृष्ण को वासुदेव जी ने टोकरी में रखकर नदी पार करके यशोदा के पास पहुंचा दियाl यशोदा मैया ने श्रीकृष्ण को पाल कर बड़ा कियाl
भगवान कृष्ण के जन्म दिन के अवसर पर यह त्योहार मनाया जाता है,जिसके अंतर्गत श्रीकृष्ण के मंदिरों को रोशनी से सजाया जाता हैl पूरे दिन व्रत रखा जाता है,रात को कृष्ण के जन्म उत्सव के बाद प्रसाद लेकर व्रत खोला जाता हैl रात में रास लीला का आयोजन किया जाता है,घर-घर और हर मंदिर में उत्सव मनाया जाता हैl दही हांडी, मटकी फोड़ की प्रतियोगिता आयोजित की जाती हैl
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में,द्वारिका में और बांके बिहारी वृंदावन में उत्सव जैसे मनाया जाता हैl भागवत पुराण के श्रीकृष्णा अवतार से सभी परिचित हैंl श्रीकृष्ण की बाल्यावस्था की शरारतें जैसे-दही माखन चुराना,मटकी फोड़ना उस तरह के कार्यक्रम रखे जाते हैंl
इंद्र के विरुद्ध उनका हठ,जिसमें गोवर्धन पर्वत अपनी उंगली पर उठा लेते हैं,ताकि गोकुलवासियों को अति वर्षा से बचा सकेंl कालिया नाग से युद्ध व उसके हज़ारों फन पर नृत्य,उनकी लुभाने वाली बाँसुरी का स्वर,कंस द्वारा भेजे गए गुप्तचरों का वध,ये सभी प्रकार के प्रयोग अति रोचक हैंl योगेश्वर श्रीकृष्ण के भागवत गीता के उपदेश अनादिकाल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन के रहे हैंl

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