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जब हम सुधरेंगे…

श्रीमती देवंती देवी
धनबाद (झारखंड)
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विश्व जनसंख्या दिवस विशेष….

नमन करिए, ‘जनसंख्या दिवस’ है,
जनसंख्या बढ़ा के मानव विवश है।

लग रहा है उनको, बहुत महंगाई है,
बच्चे का पालन करना कठिनाई है।

भारत में अब, अच्छे दिन आए हैं,
इसको अनपढ़ समझ नहीं पाए हैं।

पढ़े-लिखे माता-पिता का फर्ज है,
अन्य को शिक्षा देने में क्या हर्ज है ?

लाभ उठाते हैं वही, अच्छे दिन के,
जहाँ सीमित परिवार बसे जिनके।

यदि भारत देश को, महान बनाना है,
तब जनसंख्या अभियान चलाना है।

जब हम सुधरेंगे, तब युग सुधरेगा,
जब हम बदलेंगे, तब युग बदलेगा।

जनसंख्या दिवस का करें सम्मान,
सही पथ चल के सब बनेंगे महान॥

परिचय– श्रीमती देवंती देवी का ताल्लुक वर्तमान में स्थाई रुप से झारखण्ड से है,पर जन्म बिहार राज्य में हुआ है। २ अक्टूबर को संसार में आई धनबाद वासी श्रीमती देवंती देवी को हिन्दी-भोजपुरी भाषा का ज्ञान है। मैट्रिक तक शिक्षित होकर सामाजिक कार्यों में सतत सक्रिय हैं। आपने अनेक गाँवों में जाकर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है। दहेज प्रथा रोकने के लिए उसके विरोध में जनसंपर्क करते हुए बहुत जगह प्रौढ़ शिक्षा दी। अनेक महिलाओं को शिक्षित कर चुकी देवंती देवी को कविता,दोहा लिखना अति प्रिय है,तो गीत गाना भी अति प्रिय है |