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जै जै राम जै श्री राम

बोधन राम निषाद ‘राज’ 
कबीरधाम (छत्तीसगढ़)
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जै जै राम जै श्री राम,
जै जै राम जै श्री राम।
मन मंदिर में राम बसा ले,
तेरे बनेंगे बिगड़े काम॥

राम नाम की शक्ति भारी,
तैर रहे पत्थर सागर में।
दो अक्षर का राम नाम है,
भर जाए दुनिया गागर में॥
सुन के रघुराई आयेंगे,
हरने दुखड़ा ये तमाम।
जै जै राम जै श्री राम…॥

पावन राम नाम है संगी,
धन्य हुई शबरी कुटिया।
नवधा भक्ति का वर पाये,
स्वर्ग सिधार गयी मइया॥
मन से पुकार के देख लो,
महसूस करोगे सुबहो-शाम।
जै जै राम जै श्री राम…॥

राम से बड़ा महिमा नाम की,
नाम ले लो भवसागर पार।
कलयुग के इस अंधकार में,
राम नाम की ले पतवार॥
जीवन सफल बना लो बन्दे,
मिल जायेगा प्रभु का धाम।
जै जै राम जै श्री राम…॥