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तितली रानी बड़ी सयानी

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
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तितली रानी बड़ी सयानी,
आतीं बाग में देती शानी
रंग-बिरंगी, फूलों पर दिखती,
धीमी गति से आगे है बढ़ती।

रानी तितली बड़ी निराली,
हर घर की, बाग की है प्यारी
नन्हीं तितली रानी तितली,
मदमस्त भरी मस्तानी तितली।

सुन्दर सम्बल प्यारी तितली,
घर घर की हरियाली तितली
बच्चों को है प्यारी लगती,
सुन्दर-सुन्दर न्यारी दिखती।

छोटे क़दम से है आगे बढ़ती,
तितली फुर्र से फिर उड़ जाती
उपवन में मंडराती तितली,
न्यारी दिखती प्यारी तितली।

बाग-बगीचे हैं होते गुलजार,
तितलियाँ जब मचाती प्यार
नवरंगी है दिखती तितली,
अपनी नन्हीं परी-सी दिखती।

गुलशन को नित्य दिन मिलती,
सौन्दर्य-सा रंग है भर देती
आज़ भी है एक उत्तम उपकार,
तितलियों संग जन्नत संसार।

रात-दिन शुभ हो जब इसकी,
नन्हीं जान सबमें है दिखती
कीट-पतंगों का है यह उपहार,
निर्मल पवित्र है मन संसार।

तितली रानी बड़ी सयानी,
बिटिया की है नित्य दिन नानी
आज़ भी है उन्नत एक प्यार,
जगत संसार में है खूब सत्कार।

प्रकृति प्रेम का है वरदान,
उन्नत उज्जवल है इसका सम्मान
रात्रि में सोने-सी दिखती,
मनोरंजन कर खूब मचलती।

नन्हीं जान है अपना प्यार,
सब करते हैं इसे दुलार।
आओ हम-सब मिल कसम खाएं,
तितली धुन पर राग रचाएं॥

परिचय-पटना(बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता,लेख,लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम.,एम.ए.(राजनीति शास्त्र,अर्थशास्त्र, हिंदी,इतिहास,लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी,एलएलएम,सीएआईआईबी, एमबीए व पीएच-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन)पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित अनेक लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं,जिसमें-क्षितिज,गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा संग्रह) आदि है। अमलतास,शेफालीका,गुलमोहर, चंद्रमलिका,नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति,चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा,लेखन क्षेत्र में प्रथम,पांचवां,आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।

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