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पसीने की पुकार

उमेशचन्द यादव
बलिया (उत्तरप्रदेश) 
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चलते हुए राह पर हमने
सुना एक बड़ा चमत्कार,
झलकी बूँद भाल पर जल की
पसीने ने की एक पुकार।

गिरने मत देना यूँ ही व्यर्थ में
खोने मत देना मेरा आकार,
मुझे टपकाना उस दुर्वादल में
जहाँ हो जाए जीवन साकार।

मुझे प्राप्त कर हँसेगी दूर्वा
हरा होगा उसका आकार,
शोभा बढ़ जाएगी धरा की
दिल से दुआ होगी स्वीकार।

कहे उमेश पसीने की खुशबू
रखो हरदम खुद बरकरारl
करो कदर पसीने की तुम
आदर से लेगा नाम संसारll

परिचय-उमेशचन्द यादव की जन्मतिथि २ अगस्त १९८५ और जन्म स्थान चकरा कोल्हुवाँ(वीरपुरा)जिला बलिया है। उत्तर प्रदेश राज्य के निवासी श्री यादव की शैक्षिक योग्यता एम.ए. एवं बी.एड. है। आपका कार्यक्षेत्र-शिक्षण है। आप कविता,लेख एवं कहानी लेखन करते हैं। लेखन का उद्देश्य-सामाजिक जागरूकता फैलाना,हिंदी भाषा का विकास और प्रचार-प्रसार करना है।