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प्यार भरा खत

पूनम दुबे
सरगुजा(छत्तीसगढ़) 
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प्यार भरा तेरा,
खत जो मिला
झूम उठी रे सजन,
बादल के आने से,
जैसे नाचें मोर मगन।

ओरे सजन…
ओरे सजन…
तेरे ख़त का है ये असर…
प्यार भरा…

खत में जो तुमने,
लिखी प्यारी बातें
सोच-सोच मैं शरमाऊं,
तुम जानो या मैं जानूं
कैसे सबको बतलाऊं,
झुम रही है डाली-डाली
महक उठा है चमन…

ओरे सजन…
ओरे सजन…
तेरे ख़त का है ये असर…
प्यार भरा…

सखियां पूछ रहीं हैं,
किस बात पे पलकें झुकी हैं
गालों पे तेरे,लटों की कैसी तरूणाई है,
मैं क्या कहूँ क्या ना कहूँ
पूनम तो है चंचल।

ओरे सजन…
ओरे सजन…
तेरे ख़त का है ये असर…
प्यार भरा तेरा खत जो मिला
झूम उठी रे सजन।
बादल के आने से,
जैसे नाचें मोर मगनll

परिचय-श्रीमती पूनम दुबे का बसेरा अम्बिकापुर,सरगुजा(छत्तीसगढ़)में है। गहमर जिला गाजीपुर(उत्तरप्रदेश)में ३० जनवरी को जन्मीं और मूल निवास-अम्बिकापुर में हीं है। आपकी शिक्षा-स्नातकोत्तर और संगीत विशारद है। साहित्य में उपलब्धियाँ देखें तो-हिन्दी सागर सम्मान (सम्मान पत्र),श्रेष्ठ बुलबुल सम्मान,महामना नवोदित साहित्य सृजन रचनाकार सम्मान( सरगुजा),काव्य मित्र सम्मान (अम्बिकापुर ) प्रमुख है। इसके अतिरिक्त सम्मेलन-संगोष्ठी आदि में सक्रिय सहभागिता के लिए कई सम्मान-पत्र मिले हैं।