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मधुर मुलाकात से

सोनू कुमार मिश्रा
दरभंगा (बिहार)
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यह दृश्य बड़ा ही अप्रतिम
जब मिल गए प्रिया-प्रीतम,
सुशोभित हो रही सुचिता
हर्षित हो रही यह वसुधा,
तुम्हारे मुख की मुदित मुस्कान से
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

हर्षित कोयल राग मिलन के गाये
मोर-पपीहा देखो नृत्य दिखाये,
हृदय उमंग से होता लक्षित
जब प्रीत प्रणय होती प्रदर्शित,
सृष्टि राग सुनाये अरमान से
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

फिजा की बदल रही है रंगत
मिलन की पूरी होती मन्नत,
दिल से दिल जो मिलने लगे हैं
पुष्प नव खिलने लगे हैं,
सावन भी शरमा जाए होते नयन चार से
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

बाग की हरियाली,देखो उपवन की
आती नव बहार देखो इस चमन की,
मौसम भी करवटें बदलने लगा है
चाँद जो जीवन में तुम्हारे निकलने लगा है,
सेज सज रही जीवन की चिर सुहाग से
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

सुखद पल सुंदर सजा रहे सदा सलौना
मिल गई है जब तुम्हें तुम्हारी सोना,
नव दाम्पत्य आनंद से सदा तुम्हारा भरा रहे
पल-पल नव रंग उमंग हृदय में तुम्हारा सजा रहे,
प्रीत प्रियवर सदा रहे दिलो-जान से,
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

राम-सिया-सी यह जोड़ी तुम्हारी
राधा-कृष्ण-सी लगती है प्यारी,
महकती रहे आँगन की फुलवारी
हर्षित मधु यह जोड़ी तुम्हारी,
प्रीत प्रणय प्रिय सजे नित चांद से
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

पल सुखद अनुभूति सदा सजा रहे
नव दाम्पत्य आजीवन हर्ष से भरा रहे,
कीर्ति यश सुखद सभी मनोरथ
पूर्ण हो इष्ट के वरदान से,
चित हर्षित रहे सदा मुदित मुस्कान से
प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से।

शब्द नहीं मेरे पास कि मैं कुछ लिख सकूँ
इस मनोहर उत्तम जोड़ी के लिए कुछ गढ़ सकूँ,
यह जोड़ी है परे जगत के सब विधान से
सृजन विधाता का उत्तम सब बखान से,
सदा सुखद कृपा रहे इष्ट की
कामना यही मेरी भगवान से,
हर्षित हृदय रहे सदा तुम्हारा
इस मधुमय मुलाकात से॥

परिचय-सोनू कुमार मिश्रा की जन्म तारीख १५ फरवरी १९९३ तथा जन्म स्थान दरभंगा(बिहार )है। वर्तमान में ग्राम थलवारा(जिला दरभंगा)में रहते हैं। बिहार राज्य के श्री मिश्रा की शिक्षा -स्नातकोत्तर(हिंदी) है। आप कार्यक्षेत्र में शिक्षक हैं। सामाजिक गतिविधि के तहत समाजसेवी हैं। लेखन विधा-कविता है। इनकी लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक चेतना जागृत करना औऱ वर्तमान में मातृभाषा हिन्दी का प्रचार करना है।