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मानवता एक धर्म

बबीता प्रजापति 
झाँसी (उत्तरप्रदेश)
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विश्वास:मानवता, धर्म और राजनीति….

मानवता एक धर्म है
विश्वास है आधार,
विश्वास से ही बनता है
सुखद प्रेममय संसार।

दु:ख हो संकट हो
हो न कोई पास,
आस्था ईश्वर में
दुखों का करती नाश।

रे मानव राम के नाम पर
मत कर लूट-खसोट,
राम नाम तो मधुर धुन है
नहीं पहुंचाती किसी को चोट।

राम राम ह्रदय में धरो,
स्वयं को करो विशाल।
राम पर विश्वास ही,
दुखों में बनती ढाल॥