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राष्ट्र-गौरव का प्रतीक तिरंगा

ज्ञानवती सक्सैना ‘ज्ञान’
जयपुर (राजस्थान)

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राष्ट्र-गौरव का प्रतीक तिरंगा,
राष्ट्रीयता का प्रतीक तिरंगा
फहर-फहर फहराता है,
हमें वीर शहीदों की कुर्बानी
पल-पल याद दिलाता है।

नमन भगत सिंह-अशफाक को,
नमन राजगुरु-सुखदेव को
जो गुलामी की जंजीरों से,
भारत माँ को आजादी दिला गए
सरहद की रक्षा हित जिए-मरे,
ओढ़ तिरंगा,अपनी जां लुटा गए।

विश्वशांति का है अग्रदूत ये,
अध्यात्म का है चित्रकूट
संस्कृति का है देवदूत ये,
संप्रभुता का है राजदूत ये
सुख समृद्धि परिचयाक ये,
किसानों का उन्ननायक ये।

प्रगति का अधिनायक ये,
मान-प्रतिष्ठा का गायक ये
गर्जन सर्जन दर्शन ये,
सत्य सनातन अर्जन ये
अशोकचक्र शांतिवर्षक ये,
सदा न्यायपथ पथ प्रदर्शक ये।

राष्ट्रगौरव का प्रतीक तिरंगा,
फहर-फहर फहराता है।
हमें वीर शहीदों की कुर्बानी,
पल-पल याद दिलाता है॥

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