ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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जन्माष्टमी विशेष….
रोहिणी नक्षत्र में तिथि, अष्टमी आधी रात में,
कृष्ण का जन्म हुआ, कृष्ण पक्ष द्वापर युग में।
लोग इस दिन उल्लास से, भजन कीर्तन करते हैं,
खुशी और स्वेच्छा से, पवित्र उपवास करते हैं।
मथुरा के कारागार में, कृष्ण अवतार लिए,
अत्याचार-अधर्म का, नाश करने के लिए।
देवकी और वासुदेव के, आठवें पुत्र के रूप में।
गरीबों और जरुरतमंदों, के मसीहा के रूप में।
कागासुर, अगासुर, पूतना, कालिया का वध किया,
कनिष्ठा से पर्वत उठाकर, लोगों का कल्याण किया।
गैया चराये माखन चुराए, गोपियों के संग रास रचाये,
नंद यशोदा के पालक पुत्र, ब्रज मथुरा का उद्गार किए।
रुक्मणी सत्यभामा जाम्बवती, राधा के प्राण कृष्ण,
कालिंदी मित्रविंदा सत्या भद्रा, लक्ष्मणा के पति कृष्ण।
सोलह हजार एक सौ पत्नी, पौराणिक कथा के अनुसार,
नरकासुर से रक्षा के लिए, आठ पत्नी भागवत के अनुसार।
ब्रज में अनेक लीलाएं की, गरीब सुदामा के थे मित्र कृष्ण,
यशोदा को अपने मुख से, समस्त ब्रम्हांड का दर्शन कराये कृष्ण।
‘मैया मैया’, ‘बाबा बाबा’ कहकर, नंद यशोदा को हर्षाए कृष्ण,
राधा-कृष्ण की जोड़ी, जग में सबको ही भाएं खूब॥