ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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संघर्ष एक सीख है,
जिंदगी की यही रीत है
मत मांगो दया की भीख,
संघर्ष ही एक जीत है।
चींटी भी करती संघर्ष,
बिना थके हुए उत्कर्ष
रुकते ही होता अपकर्ष,
हमेशा प्रयास आता निष्कर्ष।
जो जीता वही सिकंदर,
जो भी हारा नाचे बंदर
तुम करो संघर्ष निरंतर,
वो बन जाए विश्वंभर।
संघर्ष से तुम डरो नहीं,
जीने का फिर अर्थ नहीं
जिसके जीवन में है संघर्ष,
सोने-सा चमकाता संघर्ष।
संघर्ष एक नई जंग है,
बिना डोर की पतंग है
इससे जीवन में तरंग है,
आगे बढ़ने की उमंग है।
मजबूत इरादे नई सोच,
जादू कर जाते हैं रोज।
नई नई चीजों को खोज,
तब आएगा जीवन में लोच॥