Visitors Views 62

‘हिन्दी’…एक सम्मान-एक विश्वास

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’
इन्दौर(मध्यप्रदेश)
************************************

हिंदी और हमारी ज़िंदगी…


‘हिन्दी’… न सिर्फ एक ‘भाषा’,
बल्कि भावनाओं का एक मर्म है
कभी विचारों की गहरी अनुभूति है,
‘हिन्दी’…एक सम्मान, एक विश्वास।

एक ‘धर्म’, एक ‘भाव’ है,
‘हिन्दी’ माँ जैसी कोमल
‘वात्सल्य’ से परिपूर्ण है,
‘हिन्दी’ जीवन जीने की कला,
और सम्पूर्ण ‘जीवन’ है।

‘हिन्दी’ हमारा ‘गौरव’ है, स्वाभिमान है,
यह ‘मनुष्य’ को मिला एक
सुंदर ‘उपहार’ है…,
‘हिन्दी, हमारे ‘भाल’ पर
लगा ‘तिलक’ है…,
यह अनमोल ‘रत्न’ है।

‘हिन्दी’ ‘मातृभाषा’ का ‘ज्ञान’ है,
माना कि ‘हिन्दी’ आज विलुप्त है…
पर ‘हिन्दी’ भाषा का सबेरा कहाँ दूर है,
‘हिन्दी’ हमारी ‘सूरज’, और
‘शीतलता’ में ‘चांद’ है…।
हिन्दी न सिर्फ ….न सिर्फ एक ‘भाषा’,
बल्कि भावनाओं का एक मर्म है॥

परिचय-डॉ. वंदना मिश्र का वर्तमान और स्थाई निवास मध्यप्रदेश के साहित्यिक जिले इन्दौर में है। उपनाम ‘मोहिनी’ से लेखन में सक्रिय डॉ. मिश्र की जन्म तारीख ४ अक्टूबर १९७२ और जन्म स्थान-भोपाल है। हिंदी का भाषा ज्ञान रखने वाली डॉ. मिश्र ने एम.ए. (हिन्दी),एम.फिल.(हिन्दी)व एम.एड.सहित पी-एच.डी. की शिक्षा ली है। आपका कार्य क्षेत्र-शिक्षण(नौकरी)है। लेखन विधा-कविता, लघुकथा और लेख है। आपकी रचनाओं का प्रकाशन कुछ पत्रिकाओं ओर समाचार पत्र में हुआ है। इनको ‘श्रेष्ठ शिक्षक’ सम्मान मिला है। आप ब्लॉग पर भी लिखती हैं। लेखनी का उद्देश्य-समाज की वर्तमान पृष्ठभूमि पर लिखना और समझना है। अम्रता प्रीतम को पसंदीदा हिन्दी लेखक मानने वाली ‘मोहिनी’ के प्रेरणापुंज-कृष्ण हैं। आपकी विशेषज्ञता-दूसरों को मदद करना है। देश और हिंदी भाषा के प्रति आपके विचार-“हिन्दी की पताका पूरे विश्व में लहराए।” डॉ. मिश्र का जीवन लक्ष्य-अच्छी पुस्तकें लिखना है।