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होली आई, खुशियाँ लाई

प्रो. लक्ष्मी यादव
मुम्बई (महाराष्ट्र)
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रंगों का त्यौहार है आया,
सभी के घर खुशियाँ है लाया
रंगों के इस त्यौहार में दुश्मन भी गले मिल जाते हैं,
ले पिचकारी-गुलाल रंग चले हैं घर-घर हम।

वृंदावन-मथुरा में मची हुई है धूम,
कृष्ण ले पिचकारी चले गोकुल की गालियों में
रंगों से रंगे सारे गोकुल वासी,
चारों ओर फैली खुशहाली,
बच्चे बूढे और जवान सभी चले मथुरा नगरी।

बुराई पर हुई अच्छाई की जीत,
होली आई, होली आई
साथ में खुशियाँ है लाई,
कर मन की बुराइयों का दहन
करो नए विचारों का गमन
भरो मन में रंगों-सा विचार।
होली आई, होली आई,
साथ में खुशियाँ है लाई॥

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