हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
*******************************
आजादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)…
गुलामी की ‘ज़ंजीरों’ को जोड़ कर,
वतन पर मर-मिटे थे, अनगिनत शहीद
लाखों ‘जतन’ कर मिली, हमको यह आजादी,
अब ‘ये आजादी’ हमारी, देश हमारा…।
आज हम ‘भविष्य’ को गढ़ रहे,
विकास के ‘पंखों’ को लगा कर आगे बढ़ रहा विकसित भारत
बढ़ता जा रहा है देश हमारा,
अब ‘ये आजादी’ हमारी, देश हमारा…।
बदलता दौर है आजाद भारत का,
सोच में अब ‘आजाद’ विचारों का मंथन है
क्योंकि ‘प्रगति’ के पथ में विकासशील भारत की तस्वीरें सुहानी,
अब ‘ये आजादी’ हमारी देश हमारा.…।
दुश्मनों के दांत ‘खट्टे’ कर देते हैं हम,
हमारी ‘सेना’ में इतना है दम।
तीनों सेना हमारी रक्षक, तो इन पे हमको है गुमान,
अब ‘ये आजादी’ हमारी देश हमारा…॥