विमोचन…
इंदौर (मप्र)।
कोई भी सृजन प्रक्रिया हो, हमें सहज भाव के साथ बहना चाहिए। बाधाओं और किंतु-परंतु के फेर में पड़कर प्रक्रिया को कृत्रिम नहीं बनाना चाहिए।
शहर के प्रीतमलाल दुआ सभागृह में अतिथि नाते सामाजिक कार्यकर्ता तथा चिंतक अनिल त्रिवेदी ने संचालक व रंगकर्मी संजय पटेल एवं लेखिका ज्योति जैन के आतिथ्य में लेखिका नीरजा जैन रचित ५१ कहानियों के संग्रह ‘कभी धूप कभी छाँव’ का विमोचन करते हुए कही। इस अवसर पर श्री पटेल ने प्रभावी तरीके से कहानी ‘रीयूनियन’ का पाठ किया और कहा कि संग्रह की कहानियाँ जिस परिपक्वता के साथ लिखी गई हैं, उनसे कहीं भी यह आभास नहीं होता कि यह लेखिका का पहला कहानी संग्रह है। श्रीमती जैन ने समीक्षा करते हुए उनसे जुड़े सामाजिक प्रभावों की विवेचना की, साथ ही हिंदी को सहज भाव से अपनाने का आग्रह भी किया।
कार्यक्रम में नीरजा जैन ने अपनी एक कहानी को भावपूर्ण तरीके से सुनाया, जिसने आँखें नम कर दीं। इस अवसर पर सुश्री चेतना मकवाना ने सुमधुर सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी और सुश्री तनिषा जैन ने पुस्तक के साथ जुड़ी रचना प्रक्रिया के बारे में बात की।
आयोजन में वामा साहित्य मंच की प्रचार प्रमुख सपना साहू ‘स्वप्निल’ सहित अन्य सदस्यों एवं प्रबुद्धजन की भी उपस्थिति रही।
सुश्री स्वाति शैवाल ने सधा हुआ संचालन किया।