सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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गर्मी, सर्दी और ये बारिश
क्रम से सब परिवर्तन होते,
नियम प्रकृति का सत्य यही है,
जिस पर सब विधिवत चलते।
परिवर्तन है सत्य यहाँ पर
कुछ तो रोज-रोज होता,
इनके बीच झूलता जीवन
अनुभव से अनुभव बढ़ता।
बीते वर्ष सुहाने क्षण वो
हृदय पटल पर एक-एक छाए,
तोड़ पुराने बंधन सारे
आगे को सब बढ़ते जाएँ।
रखना सौम्य भाव सब मन में,
क्षमाशील सुखमय जीवन हो।
चलते रहना ही जीवन है,
प्रखर प्रशस्त सभी का पथ हो॥