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यार बिना खुशियाँ बेकार

ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)…

सच्ची मित्रता से जीवन में रौनक,
अच्छे दोस्त से जीवन में खनक।

ऐसे दोस्त को हमारा नमस्कार,
यार बिना होती खुशियाँ बेकार।

दु:ख में दोस्त सुख में है यार,
जीवन के हर मोड़ पर है यार।

अगर हमें सच्चा दोस्त मिल जाए,
ज़िंदगी में चार चाँद खिल जाए।

ज़िंदगी का पूरा मजा मिल जाए,
ज़िंदगी की बगिया महक जाए।

अमावस में भी चाँद नज़र आए,
पूरी ज़िंदगी पूर्णिमा ही बन जाए।

एक मित्र रोते हुए को हँसा जो जाए,
दूसरा टूटे हुए को जो संभाल जाए।

पर ऐसे दोस्त मिलते हैं बड़े भाग्य से,
ऐसे दोस्त पर ज़िंदगी नाम कर जाएं।

उसे जनाब तुम रख लेना संभाल कर,
जब जिसे भी ऐसे दोस्त मिल जाए॥