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हरिहर सिंह चौहान और ललित गर्ग बने प्रथम विजेता

स्पर्धा में पदमा अग्रवाल एवं डॉ. शरद नारायण खरे ने पाई दूसरी जीत …

इंदौर (मप्र)।

हिन्दी के सम्मान एवं लोकप्रियता के अभियान के अंतर्गत हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार निरंतर स्पर्धा करा रहा है। इसी कड़ी को जारी रखते हुए १११ वीं स्पर्धा का आयोजन ‘रिश्तों का रक्षा-बंधन’ (रक्षाबंधन विशेष) विषय पर किया गया, जिसमें पद्य में प्रथम स्थान हरिहर सिंह चौहान को एवं गद्य में ललित गर्ग को मिला है।

   मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन व संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने जानकारी देते हुए बताया कि, रचनाओं की श्रेष्ठता अनुसार निर्णायक मंडल ने इस बार पद्य वर्ग में पहला स्थान ‘होता है रक्षा कवच’ पर श्री चौहान (इंदौर, मप्र) को दिया, जबकि ‘धागा छोटा, स्नेह अनंत’ के लिए पदमा अग्रवाल (बैंगलोर, कर्नाटक) को दूसरा एवं ‘धागे नेह के’ कविता हेतु डॉ. दीप्ति खरे (मंडला, मप्र) को तीसरा विजेता घोषित किया गया है। 

      मंच की संयोजक प्रो. डॉ. सोनाली सिंह, मार्गदर्शक डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’, परामर्शदाता डॉ. पुनीत द्विवेदी (मप्र) ने सभी विजेताओं और सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है। 

       श्रीमती जैन ने बताया कि, १ राष्ट्रीय कीर्तिमान, १.५८ करोड़ दर्शकों-पाठकों का अपार स्नेह एवं १० सम्मान पाने वाले इस मंच द्वारा आयोजित उक्त स्पर्धा में गद्य वर्ग में ‘नारी की रक्षा नहीं, सामर्थ्य का सम्मान हो’ आलेख हेतु श्री गर्ग (दिल्ली) सबसे आगे रहे हैं तो द्वितीय जीत ‘राखी का दीप’ लघुकथा के लिए डॉ. शरद नारायण खरे (मंडला, मप्र) ने हासिल की है।