ममता साहू
कांकेर (छत्तीसगढ़)
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बेचैनी क्यों है इतनी, जब हर समस्या का हल है,
आज परेशान हो जितना, उतनी ही खुशियां कल है।
सुख दुःख है आनी-जानी, यही सत्य अटल है,
चिंताओं में गुम ना होना, मन आवारा बादल है।
मत भागो भौतिकता के पीछे हरदम,
लुफ्त उठाओ जीवन में हर पल, यही संपत्ति अचल है॥