सोनीपत (हरियाणा)।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की असीम कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा संस्थापक श्रीमती राधाश्री शर्मा के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘वात्सल्य ज्योत्सना पर्व’ का आयोजन किया गया। दोनों माध्यम से अत्यंत गरिमा और साहित्यिक उल्लास के साथ यह आयोजन भक्ति, सेवा, संस्कृति एवं साहित्य के समन्वित स्वरूप का सजीव उदाहरण बन गया।
परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि इस विशेष अवसर पर विविध रचनात्मक एवं लोकमंगलकारी गतिविधियाँ की गईं। दतिया स्थित विश्वविख्यात माता पीताम्बरा बगलामुखी शक्तिपीठ में परिवार की ओर से डॉ. श्रीमती मंजू शकुन खरे ने माता के दर्शन एवं पूजन-अर्चन कर मानव कल्याण तथा राष्ट्र की समृद्धि हेतु मंगलकामनाएँ अर्पित कीं। इसी क्रम में सूरदास सीही, (हरियाणा) में डॉ. श्रीमती जया शर्मा प्रियंवदा द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था कर करुणा एवं संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्रीमती शर्मा की विशिष्ट काव्य रचनाओं पर आधारित साहित्यिक पत्रिका ‘राधा रस रश्मियाँ’ का लोकार्पण रहा। रायगढ़ के प्रबुद्ध साहित्यकार अमित पण्डा ‘अमिट रोशनाई’ के सुसंस्कृत मंच संचालन में हुए इस समारोह का संयोजन श्रीमती कीर्ति त्यागी ने किया। द ग्राम टुडे समाचार-पत्र के सौजन्य से प्रकाशित इसका लोकार्पण डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, श्रीमती गरिमा वार्ष्णेय, ‘प्रियंवदा’ डॉ. खरे, पवनेश मिश्र सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सुधीजन की उपस्थिति में हुआ। वक्ताओं ने राधा श्री शर्मा के स्नेहमय व्यक्तित्व व साहित्य साधना में अविस्मरणीय योगदान का भावपूर्ण स्मरण किया।