कल्पकथा काव्य गोष्ठी…
सोनीपत (हरियाणा)।
राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा व सनातन संस्कृति हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था ने इस बार २४७वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी का आयोजन ‘अंतर्राष्ट्रीय सूर्य दिवस’ के अवसर पर भगवान सूर्यदेव वंदना विशेष विषय आदित्य अनुराग अर्चना के अंतर्गत अत्यंत भव्य एवं भावपूर्ण वातावरण में किया। यह आयोजन उज्ज्वल परंपरा का अनुपम उदाहरण बनकर साहित्याकाश में नवीन आलोक बिखेर गया।
संस्था की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि मंगलारंभ प्रतिभाशाली साहित्यकार विजय रघुनाथराव डांगे द्वारा संगीतमय गुरु वंदना, गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। अध्यक्षता साहित्यकार ज्योति प्यासी (जबलपुर) ने की। मुख्य अतिथि में साहित्यकार पं. अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ (वाराणसी) की गरिमामयी उपस्थिति ने ऊँचाई दी।
इस अवसर पर देश-विदेश से कीर्ति त्यागी, सुरेश कुमार वर्मा ‘रातावाल’, शोभा प्रसाद, नैन्सी श्रीवास्तव, अतुल खरे, सान्द्रा लुटावन गणेश, भगवानदास शर्मा ‘प्रशांत’, श्रीमती राधाश्री शर्मा सहित अन्य रचनाकारों ने भगवान सूर्यदेव की महिमा, जीवनदायिनी शक्ति एवं आध्यात्मिक तेज को अपने ओजपूर्ण काव्य के माध्यम से अभिव्यक्त कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का सशक्त संचालन आशुकवि भास्कर सिंह ‘माणिक’ एवं डॉ. श्याम बिहारी मिश्र द्वारा किया गया। संस्था की संस्थापक श्रीमती राधा श्री शर्मा ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।