खिली चाँदनी रात
डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* खिली चाँदनी रात,चंद्रमा नभ में चमके।तिथी पूर्णिमा आज,धरा भी दम दम दमके॥चारों ओर उजास,तमस को दूर भगाए।धवल रश्मियाँ खूब,सुधा जग में बरसाए॥ देख पूर्णिमा चंद्र,शान्त मन हर्षित होता।अष्ट कला परिपूर्ण,कलानिधि तम को खोता॥शोभित शिव के भाल,मान ये पाता जग में।होकर के परिपूर्ण,प्रकाशित होता नभ में॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय … Read more