गोष्ठी में किया सम्मान

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इंदौर। अवध समाज साहित्यिक संगठन द्वारा काव्य गोष्ठी का आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ साहित्यकार, कवि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाजसेवी राहुल निहोरे एवं कवि अशोक त्रिवेदी को सम्मानित किया गया। इसमें अतिथियों ने साहित्यिक गतिविधियों से समाज में जागरूकता को सराहनीय बताया। विवेक सेठ, … Read more

प्रेम से भरा हमसफ़र हो

कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* ज़िंदगी की हर शाम सकून से भरी झील-सी हो,निश्छल प्रेम से भरा सागर सा, हमसफ़र हो। छल कपट रहित,त्याग,समर्पण से पूर्ण, सच्चा हमसफ़र हो,मस्ती भरी आनंदित और प्रसन्नता देने वाली हर शाम उसी के नाम हो। परिवार का साथ हो, सबमें विश्वास हो,बस यही ज़िंदगी का आधार हो। जो साथ … Read more

हवा चली, मगर

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** ये हवा चली,मगर उसे देखा किसी ने नहींपत्तियों ने किए इशारे,फूलों ने बिखेरी सुगंध। हवा के भी तेवर होते हैं,आँधी और बवंडर की सेना लेकरजग को हरा जाती,उजाड़ देती घरों और पेड़ों कोकिंतु कभी प्रेम को निखार देती। जब चलती ठंडी हवा,गोरी का घूँघट हटा देती चेहरे सेसुखा देती श्रम के … Read more

‘हिंदी में शपथ’ भाषाई चेतना का निर्णायक उद्घोष

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत के ५३वें प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा हिंदी में शपथ लेना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में केवल एक औपचारिक घटना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, राष्ट्रीय और मनोवैज्ञानिक चेतना का नया शुभारंभ है। यह वह क्षण है जिसने भाषा को लेकर दशकों से चले आ रहे संकीर्ण विवादों, राजनीतिक विरोधाभासों और कृत्रिम विभाजनों … Read more

एक-दूजे के लिए ही जीना

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मुस्कानों के फूल खिला करनगरी एक बसाई तुमने,घर-आँगन में बजी बधाईलिख ली एक कहानी तुमने। बनी नायिका महि पग रखतीनेह-सुधा रस गान किया,बजती पायल की रुनझुन नेजीवन को सुर-ताल दिया। प्रेम का बिरवा हृदय लगायाअतुल प्रेम-धन खूब लुटाया,सच मानों तो साझा जीवनप्रेम विहीन न किसी को भाया। सदा समर्पण प्रेम में करना,एक-दूजे … Read more

खो गया सितारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* खो गया सितारा, अभिनय का खो गई महक बस यादों में,खो गया तरन्नुम मजलिस का खोया चरित्र अफ़सानों में। जो गाँव की माटी में लिपटा जो अरमान बीच बहती धारा,था कालजयी अभिनेता वह ‘ही- मैन’ धरम मस्तानों में। खो गया सहज अति सौम्य प्रकृति,व्यक्तित्व अनोखा दुनिया में,दमदार सफलता अदा … Read more

साहित्यकार प्रो.शरद नारायण-नीलम खरे सम्मानित

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मंडला (मप्र)। अंतर्राष्ट्रीय संस्था प्रसंग जबलपुर का कृति विमोचन, सम्मान समारोह व‌ काव्य समागम इं. विनोद नयन के संयोजन में हुआ, जिसमें कृष्णा राजपूत की सजल विधा की कृति का विमोचन व चयनितों का सम्मान हुआ। अतिथि डॉ. महेश दिवाकर, डॉ. अनिल गहलोत की उपस्थिति रही। इसमें मंडला के साहित्यकार प्रो. शरद नारायण खरे व … Read more

कुछ समय तो बैठो ‘बुजुर्गों’ के पास

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हमारे संस्कारों में बुजुर्गों का अनुभव बहुत कारगर साबित होता है। सामाजिक परिदृश्य में देखें तो ऐसा कह सकते हैं कि बड़े-बुजुर्ग वृटवक्ष होते हैं। उनकी छत्र-छाया में हम परिजन सुखी रहते हैं, पर आज-कल परिवारों में समय अनुरूप परिवर्तन के दौर में उन्हीं बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में जाने को … Read more

विविधता से पूर्ण है तेलंगाना लोक साहित्य

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** 🔹लोकगीत प्रस्तावना-मनोरंजन की दुनिया में लोक गीतों का महत्वपूर्ण स्थान है। हमारी संस्कृति में लोक गीत और संगीत का अटूट संबंध है। तेलुगु में ‘जनपद’ के नाम से पुकारे जाने वाले लोकगीत सीधे जनता का संगीत है। घर, गाँव और नगर की जनता के गीत हैं। ‘जनपद’ यानी छोटे-छोटे समुदाय … Read more

गीत, ग़ज़ल और व्यंग्य से सजी काव्य चौपाल

भोपाल (मप्र)। अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की मध्य प्रदेश इकाई की नवंबर मास की काव्य चौपाल की बैठक २३ नवंबर को की गई। यह चौपाल अत्यंत खास थी, क्योंकि संगठन की अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव के जन्मदिन का अवसर था। इस सुअवसर पर गोष्ठी में कविताओं, ग़ज़लों और गीतों ने अपने विविध रंगों की खुशबू बिखेरी।साहित्यकार … Read more