गीतायन साहित्य महोत्सव में हुआ पुस्तकों का विमोचन

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कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। अंतरराष्ट्रीय साहित्य कला संस्कृति न्यास साहित्योदय के बैनर तले अखण्ड गीता पीठ, श्रीमद्भागवतगीता मण्डपम में २ दिवसीय गीतायन साहित्य महोत्सव प्रारंभ हुआ। इसमें देश-विदेश के साहित्यकारों ने भाग लिया।इस महोत्सव का शुभारंभ महामंडलेश्वर स्वामी शाश्वतानंद गिरि द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। अध्यक्षता प्रसिद्ध गीतकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने की। सरस्वती वंदना किशोरी … Read more

मृगतृष्णा में जीवन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मृगतृष्णा में भटके जीवन, लगी पेंच मस्तिष्क सुमति में,मिथ्याचारी छल प्रपंच तम, लगी जंग अस्तित्व प्रकृति मेंखो विवेक कर्त्तव्य भाव मन पेंच खोलने जड़ता अक्षम,गुमराही यायावर विचलित कहाँ सफलता सुख उन्नति में। कठिनाई ख़ुद आवाज़ बन भागमभागी हो जीवन में,खोते संयम साहस संबल तपते ख़ुद नित दावानल मेंसदा तिरोहित … Read more

निराला जीवन

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** निराले हम,हर घड़ी में हॅंसेराहें हैं तकी। ये संसार जो,बदलता चेहरामन है प्यारा। जीवन धुनें,मंद हैं कभी तीखीहैं ये मधुर। मेरा जीवन,धूप-संग चलताहृदय जागे। रंगी जीवन,सपने का छोर है,फिर भी आशा। पगों में रंग,कोई फीका है तेज,हसीन दिन। बहते हम,अदृश्य हैं ये धारें,फिर भी हँसे। चन्द्र हसीन,मेघों-सा बदलताजीवन हसीं। साँसों की गूँज,कभी … Read more

धरा श्यामल भई

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** वसुंधरा शुष्क हुई, श्यामल ओढ़नी धरी,रूखी, हरियाली खोई, मैली बे-रंग हुई। हिम जाड़ा सांय-सांय, कीटक गजब ढाए,हेमंत राह चेताए, शरदंत वंदना। उल्लसित ऋतु प्रिय, उमंग सुहानी भए,ताप निंदित आदित्य, प्राणी चैतन्य भरे। कनक हरित धरा,अनावृत मणि धरा,अपार गुंजन धरा, सौरभ दिलकुशा। अदब हिम आतप, गज़ब हिम आतप,अलसाई हिम सर्वत्र, विलक्षणता … Read more

जीवन और प्रकृति

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* घाट-घाट नीर वायु, शीत प्रीत रहती थी,प्राकृतिक शीतलता, वादियाँ सजाती थीं। मानवीय स्वार्थ बने, मिट गए दृश्य सभी,नीर बिन बहा करे, दिखाती रेत नदी। सूर्य किरण से दिखे,नीर सतह स्वर्ण सी,चन्द्र किरण से वही, दिखे है रजत सी। स्वर्ण रजत एक ही, सतह पे दिखा किए,फर्क भोर रात भर, के … Read more

वर्तमान की मांग है अधिक से अधिक लघुकथाओं का सृजन हो

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इंदौर (मप्र)। वर्तमान समय की मांग है कि अधिक से अधिक लघु कथाओं का सृजन हो। समय की प्रतिबद्धता के अनुरूप लघुकथा अधिक लोकप्रिय मानी जा रही है।श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के सभागृह में क्षितिज साहित्य संस्था द्वारा अखिल भारतीय लघु कथा सम्मेलन २०२५ के आयोजन में ‘वीणा’ के संपादक राकेश शर्मा ने … Read more

आत्मघाती होती शिक्षा प्रणाली

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** भारत की शिक्षा प्रणाली को लेकर समय-समय पर प्रश्न खड़े होते रहे हैं। शिक्षा की विसंगतियों एवं दबावों के चलते भी अनेक सवाल खड़े हैं। इन्हीं से जुड़ा यह एक बेहद हृदय विदारक और चिंताजनक तथ्य है कि एक वर्ष देश में लगभग १४ हजार शालेय बच्चों ने आत्महत्या कर ली। इस … Read more

कार्तिक पूर्णिमा

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गंगा तट स्नान ध्यान,करो सब दीप दान,कार्तिक मास पूर्णिमा,तीर्थ कर आइए। बड़ा ही पुनीत पर्व,हर्ष में हैं भक्त सर्व,शिव,विष्णु ध्यान कर,मंगल-गीत गाइए। त्रिपुरासुर राक्षस,बना सबका भक्षक,शिव जी ने किया वध,भोलेनाथ ध्याइए। नानक जन्म-दिवस,प्रथम गुरु बड़े सरस,गुरु ग्रंथ की रचना,तमस हराइए।

ख्याल बुरा नहीं

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** मत करो किसी की चिंता,अपनी मस्ती मेंमस्त रहो,किसी से कुछ न कहोख्याल बुरा नहीं। कहाँ बदलेगा जमाना,तुम खुद ही बदल जाओयही मन को समझाओ,ख्याल बुरा नहीं। हम प्यार करते रहे,वे किसी और के हो गएबेवफा को माफ कर दे,ख्याल बुरा नहीं है। माफ कर दो सबको,जिन्होंने गलती की है।जियो … Read more

विश्व विजेता भारतीय बेटियाँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* विश्व क्रिकेट के व्योम क्षितिज पर, विजय पताका लहरायी है,बेटियाँ बनी परवाज़ भारती, महिला क्रिकेट जय पायी हैबनी खिलाड़ी भारत बेटी रनों का है अम्बार लगायी,महिला क्रिकेट सुनहर अतीत लिख भारत शान बढ़ायी है। अथक प्रयासों का प्रतिफल शुभ प्रथम बार विजय दिलायी है,गौरवमयी गाथा क्रिकेट जग भारत महिला … Read more