याद ही रह जाती

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कौन-सी बात कैसीकब-कहाँ हो जाती है,कभी सोचा नहीं जोबात सुनी जाती है। जैसी चाही थी कभीदेखी न वैसी दुनिया,छोड़ कर जो गया बसयाद ही रह जाती है। अपना जब छोड़ कोईजाता है इस दुनिया से,कैसे खुद की हँसीहोठों से चली जाती है। जिसको देखा था अभीकल तलक हँसते-गाते,आज मिट्टी वो बनेआह निकल … Read more

अभिभावक समझें-बच्चा प्रतिष्ठा का साधन नहीं, स्वतंत्र व्यक्तित्व

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडम्बना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और शाला में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर … Read more

‘पंजाब केसरी’ अमर बलिदान तुम्हारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अग्नि-स्फुलिंग बन जाग उठे, जब लाला जी रण में आए,जुल्मों की हर काली रात, लौ दीप-शिखा बन चहुँ छाए।जन-जन के अन्तर्मन जागी, स्वतंत्र चेतनता की धारा-भारत माता के चरणों में, बस शीश सदा ही झुक जाए॥ लाठी-घावों को सहकर भी, दृढ़ पग लाला आगे बढ़ते,सत्य-अहिंसा की ढाल लिए, क्रांतिवीर … Read more

यूजीसी:देश पराया

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* मेरी सब्र की उम्मीद का पैमाना, धीरे-धीरे टूट रहा है,नक्कारखाने में आवाज़ तूती की, कोई भी न सुन रहा हैनहीं जरूरत देश को मेरी, ऐसा मुझको लग रहा है,चला जाऊंगा परदेस एक दिन, ख्याल दिल में उठ रहा है। सवर्ण होना गुनाह है मेरा, मुझे देश समझा रहा है,अज्ञानी को दे … Read more

‘गणतंत्रोत्सव’ पर हुई राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत रचनाओं की प्रस्तुति

सोनीपत (हरियाणा)। पावन ‘गणतंत्र दिवस’ की पूर्व संध्या पर कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार के तत्वावधान में २३३ वीं कल्पकथा साप्ताहिक आभासी काव्यगोष्ठी ‘गणतंत्रोत्सव’ अत्यंत गरिमामय एवं राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत वातावरण में हुई। यह साहित्यिक आयोजन सतत् राष्ट्रभावना की दिव्य प्रवाहधारा के साथ चलता रहा। परिवार की संवाद प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया कि … Read more

पुष्पलता जोशी स्मृति बाल कहानी स्पर्धा में १ अप्रैल तक अवसर

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अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। पुष्पलता जोशी स्मृति बाल कहानी प्रतियोगिता २०२६ (पूर्व उप शिक्षा निदेशक स्व. विपिन चंद्र जोशी, अल्मोड़ा द्वारा अपनी पत्नी स्व. पुष्पलता जोशी की स्मृति में स्थापित) के लिए अ.भा. स्तर पर महिला रचनाकारों से प्रविष्टि आमंत्रित हैं। यह १ अप्रैल तक भेजनी है। जानकारी अनुसार प्रविष्टि के तहत बच्चों के मन में वैज्ञानिक … Read more

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ को मिला ‘उत्तम सृजन’ सम्मान

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मनावर (मप्र)। अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मित्र मंडल (जबलपुर) द्वारा ‘कुछ तुम लिखो, कुछ हम लिखें’ विषय पर उत्कृष्ट लेखन प्रस्तुति कराई गई। इसमें लेखकों ने निर्णायक मंडल का दिल जीत लिया। इसमें प्रस्तुति अनुसार मनावर (धार, मप्र) के लेखक संजय वर्मा ‘दृष्टि’ को मंच ने ‘उत्तम सृजन’ सम्मान से अलंकृत किया। प्रशस्ति-पत्र संस्थापक विनय पाण्डेय ने … Read more

यही है अधिकार…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. आज देश का अधिकारबना हमारा संविधान,रक्षा करेगा यहीहम सभी का यही है अधिकार। गणतंत्र के मोती बनसंविधान की रक्षा करेंगे हम,सबको अपना हक मिलेगा,हम सभी का यही है अधिकार। आजाद भारत का सबसे बड़ा रक्षक है,हमारा अपना संविधानजीवन जीने का अधिकार दे … Read more

सेंवढ़ा में हुआ अ.भा. कवि सम्मेलन

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दतिया (मप्र)। सेंवढ़ा में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक प्रदीप अग्रवाल के आतिथ्य में गांधी पुस्तकालय परिसर में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ। इस अवसर पर पुस्तकालय अध्यक्ष सुरेश पटेल, रामप्रकाश पाठक, रामस्वरूप यादव, पूर्व मंडी अध्यक्ष अरुण शर्मा अन्ने व अन्य साहित्यप्रेमियों ने विधायक का शाल-श्रीफल भेंट कर स्वागत किया।

खुशियों को मिल-जुल कर मनाएं

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. आओ सब मिलके,जन गण मन गीत गाएँगणतंत्र दिवस की खुशियों को,मिल-जुल कर मनाएं। राष्ट्रीय त्योहारों पर,तिरंगे को फहराएंआओ सब मिलकर,जन-गण-मन गीत गाएंगणतंत्र दिवस की खुशियों कोमिल-जुल कर मनाएं। हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई,आपस में सब भाई-भाईभारत माता है,हम सबकी माईफक्र से हम सब,सर ऊपर उठाएँगणतंत्र दिवस … Read more