याद ही रह जाती
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कौन-सी बात कैसीकब-कहाँ हो जाती है,कभी सोचा नहीं जोबात सुनी जाती है। जैसी चाही थी कभीदेखी न वैसी दुनिया,छोड़ कर जो गया बसयाद ही रह जाती है। अपना जब छोड़ कोईजाता है इस दुनिया से,कैसे खुद की हँसीहोठों से चली जाती है। जिसको देखा था अभीकल तलक हँसते-गाते,आज मिट्टी वो बनेआह निकल … Read more