भारत का दिव्य पुत्र
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ एक ही कार्य हाथ में लो, उसे करके दिखलाओ,कष्ट चाहे जितने भी आए, देश का मान न मिटाओ। मन किया शिव व्रत जन्म लिया, बालक देवत्व।नाम नरेंद्र दत्त था, माँ का था वह बड़ा दुलारा। भटकते-भटकते मिल ही गए गुरु महान,इंतजार में बैठे रामकृष्ण परमहंस काली के दरबार। गुरु दिए भरपूर ज्ञान, … Read more