रंगारंग प्रस्तुतियों से मनाया समापन समारोह

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बेंगलुर (कर्नाटक)। अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्था (बेंगलुर) का पंचम वार्षिकोत्सव नवम्बर में किया गया था, जिसका समापन समारोह २७ दिसंबर को संस्थापक अध्यक्ष डॉ. इंदु झुनझुनवाला ने किया। मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत लेखक प्रो. अब्दुस समद रहे।आयोजन के विशिष्ट अतिथि डॉ. जसवीर चावला, डॉ. जीजा हरिसिंह रहे। अध्यक्षता डॉ. अमरनाथ अमर ने की। इस … Read more

लघुकथा शोध केंद्र ने पुस्तक पख़वाड़े के आयोजन को वैश्विक पहचान दी-डॉ. दवे

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भोपाल (मप्र)। पुस्तकों एवं पाठकों के बीच कृति केंद्रित विमर्श एक सेतु का कार्य करता है। लघुकथा शोध केंद्र समिति भोपाल द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित पुस्तक पख़वाड़े में जिस तरह से देश और प्रदेश ही नहीं, विदेशों में बसे हिंदी सेवियों की कृतियों पर जो विमर्श किया जाता है, उसने इस आयोजन को अंतर्राष्ट्रीय बना दिया … Read more

‘पद्म विभूषण’ लोकप्रिय कल्याण सिंह

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** जयंती (५ जनवरी) विशेष… उत्तर प्रदेश, अलीगढ़, मढौली था जन्म स्थान,सीता देवी माता थी, पिता तेजपाल किसानशिक्षक का जीवन जिए, बने संघ पहचान,राजनीति के अमर पुरुष की रामलला में जान। संघ, जनसंघ, भाजपा की पकड़े रहे कमान,राजनीति के प्रतिपक्ष नेता से सत्ताधारी शानधारदार आवाज उठाते फूँक दें मुर्दों में … Read more

उठो नवयुवक जागो अब

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* उठो नवयुवक जागो अब, रणभेरी का जयघोष हो,तिमिर विनाशक तेज जगे, जीवन-पथ आलोक होश्रम-तप-संकल्प ज्वाला से, गल जाए जड़ता सारी,भारत-माता के चरणों में, नवयुग का उद्घोष हो। सीमा से खेत, शोधशाला तक, भारत की पहचान हो,विद्या-विज्ञान उजास लिए, विश्व-भवन सम्मान होनारी गरिमा शिखर चढ़े जब, खिल उठे मानवता,बाल-भविष्य के … Read more

तेरी जुल्फें

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* तेरी जुल्फों आसपास ही सिमटे हैं मेरे एहसास सारे,बड़ा सुकून मिलता है प्रिया, जब वे लहराते घनियारे।उनके लहराने से मिट जाते हैं मन के सारे अंधियारे,लगता है कि उमड़ते तूफानों में मिल गए हैं किनारे। जब तुम झुका लेती हो जुल्फें अँधियारा-सा छा जाता है,तुम्हारी जुल्फों के बस उठाने से मौसम … Read more

‘मैं मेरी मौत की तारीफ चाहता हूँ’ संग्रह चिंतन के लिए मजबूर कर देगा

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पटना (बिहार)। कवि, कथाकार डॉ. अनुज प्रभात की सद्य प्रकाशित पुस्तक ‘मैं मेरी मौत की तारीफ चाहता हूँ’ ऐसा कविता संग्रह है, जो पाठक को चिंतन के लिए मजबूर कर देगा। इस संग्रह को पढ़ने के बाद पाठक भी अपनी मौत की तारीफ चाहने की हर संभव कोशिश करेगा।इन्द्रधनुष साहित्य परिषद् के तत्वावधान में स्थानीय … Read more

अरावली:अस्तित्व की लड़ाई

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** अरावली पर्वत श्रृंखला की नई परिभाषा को लेकर उठा विवाद अब जन-आन्दोलन का रूप ले रहा है। इसी के अन्तर्गत अरावली बचाओ की चिन्ता-यह केवल भावनात्मक आह्वान नहीं, बल्कि भारत के पर्यावरणीय भविष्य की जीवनरेखा है। गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैली अरावली पर्वतमाला पृथ्वी की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखलाओं में से एक … Read more

बाल साहित्य बच्चों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन-सुधा पांडेय

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पटना (बिहार)। बाल साहित्य बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है, जो उन्हें जीवन के अनेक पहलुओं से परिचित कराता है और व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होता है। बाल कविता लिखना चुनौतीपूर्ण कार्य है। बच्चों के लिए लिखने के लिए पहले स्वयं बच्चे जैसा सरल, संवेदनशील और निष्कपट बनना पड़ता है।यह विचार अवसर … Read more

संघर्ष लड़कियों का…

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** चुप्पियों की गठरी बांधती है,सपनों की पोटली कंधे रखती है। हर सुबह वह निकल पड़ती है,नजरें झुकाती है, हौसले ऊँचे रखती है। घर की देहरी से दुनिया तक,टोकने की उसके लम्बी कतार होती है। कभी ‘यह मत करो’ कभी ‘वह मत करो’दुनिया कहती है, कभी ‘इतना काफी है’ कह कर रोकती है। … Read more

‘दुनिया काठ की’ संवेदनाओं की रिक्तता को भरने का प्रयास

विमोचन… इंदौर (मप्र)। ज्योति जैन ने कविताओं का जो विषय चुना है वह समाज के यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को बेहद गहराई से छूता है। लेखिका ने ऐसे विषयों को चुना, जो जीवन से गुम हो गए हैं। ‘दुनिया काठ की’ वर्तमान समय में संवेदनाओं की रिक्तता को भरने का प्रयास है।मुख्य अतिथि डॉ. सच्चिदानंद … Read more