अज़ाब से पानी
सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** ‘विश्व जल दिवस’ विशेष… ज़िंदगी के अज़ाब से पानी।देखो भरते नवाब से पानी। ज्यों ही छलका हिजाब से पानी।गुम हुआ माहताब से पानी। इश्क़ की कारसाज़ियाँ देखो,झाँके रुख़ का नक़ाब से पानी। चूम कर लब, मुझे महब्बत है,कह रहा है गुलाब से पानी। छोटी-छोटी-सी मेरी आँखों में,है ज़ियादा चनाब … Read more