दिसंबर गुज़र गया
सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** फिर साल-ए-नौ तुम्हारा दिसंबर गुज़र गया।फिर वक़्त ने पुकारा दिसंबर गुज़र गया। फिर ख़्वाब जनवरी के अधूरे ही रह गए,फिर लौटकर ख़ुदारा दिसंबर गुज़र गया। फिर आसमाँ की शाख से अख़्तर गिरा कोई,फिर ले के इक सितारा दिसंबर गुज़र गया। फिर तेरी याद की नदी में गुम हुआ बरस,फिर … Read more