चुनावी रथ में ही क्यों सवार जन-हित योजनाएं ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** आजादी के अमृतकाल के पहले लोकसभा एवं ५ राज्यों के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ-साफ सुनाई देे रही है, राज्यों में चुनावी सरगर्मियाँ उग्र हो चुकी है। भारत के सभी राजनीतिक दल अब पूरी तरह चुनावी मुद्रा में आ गए हैं और प्रत्येक प्रमुख दल इसी के अनुरूप बिछ रही चुनावी बिसात … Read more

फ्रांस-भारत की दोस्ती से दुनिया की बेहतरी

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश यात्राएं नए भारत-सशक्त भारत की इबारत लिखने के अमिट आलेख हैं। उनके नेतृत्व में उभरता नया भारत विकसित एवं विकासशील देशों के बीच सेतु बन रहा है। हाल ही में अमेरिका एवं मिस्र की ऐतिहासिक एवं सफल यात्राओं के बाद मोदी फ्रांस की यात्रा पर हैं। … Read more

हिंसक राजनीति-लोकतंत्र पर बदनुमा दाग

ललित गर्गदिल्ली************************************** राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को हिंसक प्रतिस्पर्धा में नहीं बदला जा सकता, लोकतंत्र का यह सबसे महत्वपूर्ण पाठ पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस एवं अन्य राजनीतिक दलों को याद रखने की जरूरत है। पश्चिम बंगाल में इन दिनों पंचायत चुनाव के दौरान व्यापक हिंसा देखने को मिली, इससे पूर्व वर्ष २०१३ और १८ के पंचायत … Read more

राकांपा की फूट से विपक्षी एकता को झटका

ललित गर्गदिल्ली************************************** वर्ष २०२४ के चुनाव से पूर्व भारतीय राजनीति के अनेक गुणा-भाग और जोड़-तोड़ भरे दृश्य उभरेंगे, महाराष्ट्र में ताजा राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए तो ऐसा ही लगता है। वहां जो हुआ है उससे विपक्ष में खलबली है, घबराहट एवं बेचैनी स्पष्ट देखी जा सकती है। जो पटकथा महाराष्ट्र में लिखी गई है, … Read more

विपक्षी दल भाजपा को मात देने में होंगे सफल ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** नया वर्ष शुरु होते ही राजनीतिक दलों की सरगर्मियां भी नए मोड़ पर आने लगी हैं। क्योंकि इस वर्ष ९ राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तेलंगाना, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं एवं अगले वर्ष लोकसभा के चुनाव। खास तौर से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की … Read more

भ्रष्टाचार मुक्ति का माध्यम बने प्रतिज्ञा पत्र

ललित गर्गदिल्ली************************************** नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले प्रधानमंत्री बनते ही भ्रष्टाचार मुक्त भारत का संकल्प लिया। उन्होंने “न खाऊंगा और न खाने दूंगा” का शंखनाद किया। उनके २ बार के प्रधानमंत्री कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाने के लिए अनेक कठोर कदम उठाए गए और उसके परिणाम भी मिले हैं, लेकिन भ्रष्टाचार फिर भी खत्म … Read more

‘भारत जोड़ो यात्रा’ राजनीतिक उड़ान

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारत की माटी में पदयात्राओं का अनूठा इतिहास रहा है। असत्य पर सत्य की विजय हेतु मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम द्वारा की हुई लंका की ऐतिहासिक यात्रा हो अथवा एक मुट्ठी भर नमक से पूरा ब्रिटिश साम्राज्य हिला देने वाला १९३० का डाण्डी कूच, बाबा आमटे की भारत जोड़ो यात्रा हो अथवा राष्ट्रीय अखण्डता, … Read more

बिहार:नई पहल अधूरी, लेकिन बेहद सराहनीय

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने दल के मंत्रियों के लिए एक नई आचार-संहिता जारी की है, जो अधूरी है लेकिन बेहद सराहनीय है। इसलिए कि हमारे नेता ही देश में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े स्त्रोत हैं। यदि उनमें आचरण की थोड़ी-बहुत शुद्धता शुरु होने लगे तो धीरे-धीरे भारतीय राजनीति का … Read more

माले-मुफ्त:पक्के मानदंड कायम करना ही होंगे संसद को

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* एक कहावत है कि ‘माले-मुफ़्त और दिले-बेरहम!’ इसे हमारे सभी राजनीतिक दल चरितार्थ कर रहे हैं याने चुनाव जीतने और सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए वे मतदाताओं को मुफ्त की चूसनियाँ पकड़ाते रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘रेवड़ी संस्कृति’ कहा है, जो बहुत सही शब्द है। असली कहावत तो … Read more

बेतुके बोलते अ ‘धीर’ से घायल कांग्रेस

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बिखरी, अनुशासनहीन और मनमर्जी सहित कार्यकर्ताओं से इतर ‘परिवारवाद’ से चलाई जा रही कांग्रेस में बेतुके बोलने वालों की कोई कमी अब तक नहीं हुई है, यह बात कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर फिर साबित की है। सत्तासीन प्रमुख दल भाजपा ने इस मामले को … Read more