आखिर क्यों ? स्त्री को कम आँकते…
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** हमारे समाज में ‘स्त्री’ शब्द जितना कोमल है, उसकी स्थिति उतनी ही जटिल रही है। युगों से स्त्री ने हर क्षेत्र में अपनी योग्यता, संवेदना और शक्ति का परिचय दिया है-फिर भी उसे अक्सर ‘कमतर’ समझा जाता है। प्रश्न उठता है-आखिर क्यों ? लंबे समय तक स्त्रियों की आर्थिक निर्भरता ने उन्हें … Read more