हिन्दी:विरोध की संकीर्ण राजनीति

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** हिंदी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति का आक्रामक होना कोई नयी बात नहीं है, लेकिन तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र में हिंदी का विरोध यही बताता है कि संकीर्ण राजनीतिक कारणों से किस तरह भाषा को हथियार बनाया जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी एवं केन्द्र सरकार को घेरने के … Read more

न भूलें, न छोड़ें और न ही क्षमा करें… आखिर कब तक…?

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** पहलगाम हमला…. भारतीय धरती पर सौन्दर्य के स्वर्ग ‘जम्मू-कश्मीर’ के पहलगाम में धर्म पूछकर निर्दोष पर्यटकों की इतनी बड़ी संख्या (२७) में निर्मम हत्या करना आतंकियों की बेहद कायराना हरकत है। इसके पीछे सीधे-सीधे पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष असीम मुनीश की रणनीति लगती है, क्योंकि पिछले दिनों ही उन्होंने सबको हैरान करते हुए … Read more

जीवन हेतु धरा संरक्षण जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘विश्व पृथ्वी (२२ अप्रैल) दिवस’ विशेष…. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और जैव विविधता संकट को रोकने के लिए कार्रवाई का एक क्रांतिकारी आह्वान है ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ जो पूरे विश्व में २२ अप्रैल को मनाया जाता है। सृष्टि के संरक्षण और स्थिरता के लिए जागरूकता पैदा करना इसलिए … Read more

बचपन का पूरी तरह आनंद लें

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ गर्मी में सभी के अंदाज अपने-अपने हैं और हर दिन निराले होते हैं। घरों में चिंकी, पिंकी, राहुल, श्याम, टीना और भी बहुत से बच्चा पार्टी की धूमधाम, शरारत और धमा-चौकड़ी शुरू हो चुकी है। सुबह से शाम तक मस्ती, मजाक, खेलकूद, हँसी-ठिठौली अब आम बात हो गई है, क्योंकि … Read more

पृथ्वी के महत्व को समझें और बच्चों को भी समझाएं

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ पृथ्वी दिवस (२२ अप्रैल) विशेष… हम सबको आने वाली पीढ़ी को पृथ्वी के महत्व को समझाना और बताना आवश्यक है। प्रकृति और पृथ्वी के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए २२ अप्रैल को ‘अर्थ-डे’ मनाया जाता है। हमें इसे एक दिन के स्थान पर परंपरा या आदत की तरह से मनाने की … Read more

विरासत एवं विकास का समन्वय अपेक्षित

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘विश्व विरासत दिवस’ (१८ अप्रैल) विशेष… ‘विश्व धरोहर दिवस’ अथवा ‘विश्व विरासत दिवस’ मानव सभ्यता के इतिहास और विरासत को एक साथ सम्मान देने एवं ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षित करने के लिए हर साल १८ अप्रैल को मनाया जाता है। उद्देश्य सांस्कृतिक परिदृश्यों और संरचनाओं का जश्न मनाना और उन … Read more

नफरती दुनिया ही विनाश का कारण

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अभी समस्त विश्व पटल पर विस्तार वाद, दंगा, हिंसा, घृणा, स्वार्थ विष फैला हुआ है और मानवीय एवं न्यायिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है। काम, क्रोध, लोभ मोह मद, और विषाद रूपी बहुविध रोग से आज दुनिया सदाचार, नैतिकता, संस्कार और अपनी गौरवमयी संस्कृतियों से विरत दानवीय चरित्र … Read more

समाज निर्माण में कला की महती भूमिका

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** यह जीवन एक रंगमंच है। यहाँ हर एक व्यक्ति कलाकार है, जो अपनी अलग-अलग भूमिका अदा करता है। जीवन जीना भी एक कला है। प्रत्येक मनुष्य के भीतर एक कला छिपी होती है। कला मानव जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। यह न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह हमारी … Read more

‘कला’ सशक्त माध्यम है दुनिया को खूबसूरत बनाने का

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘विश्व कला दिवस’ (१५ अप्रैल) विशेष… कला जीवन को रचनात्मक, सृजनात्मक, नवीन और आनंदमय बनाने की साधना है। कला के बिना जीवन का आनंद फीका-अधूरा है। कला केवल एक भौतिक वस्तु नहीं है, जिसे कोई बनाता है; बल्कि यह एक भावना है जो कलाकारों और उन लोगों को खुशी व आनंद देती … Read more

बारिश में तालाब क्यों बनते शहर

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** खाली जगह में निरंतर कमी होने का कारण है कि शहर के आस-पास जो जल निकाय है, उन पर या तो अतिक्रमण हो गया है या उनमें इतनी ज्यादा गाद जमा हो गई है कि जितनी बारिश होती है, उसको समाहित करने के लिए उनमें जगह ही नहीं बचती और वह पानी … Read more