इश्क़ न माने हद

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** शहर की आपा-धापी से बहुत दूर घने पेड़ों की छाँव में बसा है, मेरा छोटा-सा गाँव, जहाँ जगह-जगह देव स्थलियाँ हैं। भांति-भांति के मंदिर हैं और उनको पूजने वाले बहुत से श्रद्धालु दूर-दूर से गाँव में दस्तक देते हैं।गोकल गाँव का एकमात्र ऐसा कलाकार लोहार है, जिसकी कलाकृतियों से आस-पड़ोस के … Read more

संस्कारों को क्यों धूमिल कर रहे ?

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** इंटरनेट मीडिया प्रभावक (इन्फ्लुएंसर) एवं यू-ट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया ने माता-पिता की गरिमा को आहत करने वाली अश्लील, अपमानजनक एवं विवादास्पद टिप्पणी करते हुए भारतीय संस्कारों एवं संस्कृति को धुंधलाने का घिनौना एवं अक्षम्य अपराध किया है। भले ही इसके लिए माफी मांगी गई हो, लेकिन रणवीर ने हास्य कलाकार समय रैना के … Read more

जड़ों को सींचना पड़ेगा

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* अश्लीलता… अब टी.वी., फिल्मों इत्यादि-इत्यादि के पर्दे से निकलकर, लाइव टेलेंट शो के मंच पर पहुंच गई और हमारी संस्कृति- सभ्यता से संबंधित विभाग, समाज को संभालने का दावा करते बुद्धिजीवी वर्ग गहरी नींद में सो रहे हैं। ढेरों अखबारों के, इंस्टाग्राम, फेसबुक के पृष्ठ इसके विरोध में चिल्ला-चिल्लाकर अपने विचार … Read more

रेडियो:यादों की धुन पर सजा सफ़र

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** अभी ‘विश्व रेडियो दिवस’ गया…। हमारी उम्र के आसपास के साथी रेडियो के साथ अपनी यादों को कैसे विस्मृत कर सकते हैं.., तो मैंने भी अपनी यादों की कैसेट पीछे घुमाई…। रेडियो से जुड़ी यादें बचपन से ही मेरी ज़िंदगी का हिस्सा रही हैं। हालाँकि, आजकल बचपन में असली बचपन … Read more

‘कृत्रिम मेधा’ क्रांति में दुनिया का नेतृत्व करे भारत

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** पेरिस में हुए ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (एआई एक्शन समिट) सम्मेलन ने जहां दुनिया के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को उजागर किया, वहीं यह भी साफ कर दिया कि इस मामले में होड़ के बावजूद सभी देशों का आपसी तालमेल बनाए रखते हुए सावधानी से आगे बढ़ना जरूरी है। एआई से बदलती दुनिया … Read more

नशे की विनाशलीला रचता युवा वर्ग

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ महानगर हो या अन्य शहर, कल तक जो युवाओं को नई पीढ़ी को संस्कारवान बनने की दिशा दिखाते थे, वह अब खुद आज सिगरेट के धुएं से लेकर नशे में डूबे हुए हैं। शराब, बीयर व अन्य नशीले पदार्थ के सेवन की बिंदास तस्वीरें हर एक शहर की है। आखिर … Read more

यह मनोरंजक हास्य नहीं, मानसिक दिवालियापन…

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** कहते हैं, “मनोरंजन समाज का आईना होता है”, लेकिन अगर आईना ही धुंधला हो जाए, तो सच को कैसे देखा जाए ? हाल ही में ‘इंडिया गॉट लेटेन्ट’ जैसे शो में एक प्रसिद्ध यूट्यूबर ने अभद्रता, गालियों और अश्लीलता की सारी सीमाएं लांघ दीं। मंच पर खुलेआम माँ-बाप के अन्तरंग … Read more

आडम्बरों का भंडाफोड़ कर लाए जागृति

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** संत रविदास जयन्ती (१२ फरवरी) विशेष… महामना संत रविदास कहो या रैदास-भारतीय संत परम्परा, भक्ति आन्दोलन और संत-साहित्य के जहां महान् हस्ताक्षर है, वहीं वे अलौकिक-सिद्ध संत, समाज सुधारक व साधक हैं। दुनियाभर के संत-महात्माओं में उनका विशिष्ट स्थान है। सद्गुरु रामानंद के पारस स्पर्श ने चर्मकार रैदास को भारत वर्ष का … Read more

ज्ञान और चेतना का पर्व ‘वसंत पंचमी’

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* वसंत पंचमी:ज्ञान,कला और संस्कृति का उत्सव… वसंत पंचमी एक नए साल का प्रतीक है, जो नए ज्ञान प्राप्त करने की खुशी लाता है। इसलिए इस दिन ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जाती है। भारतीय किसान इसे अपने कृषि मौसम की शुरूआत के रूप में मनाते हैं, इस शुभ … Read more

यह सब आखिर क्यों…?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** कल ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय की अधिसूचना हुई थी कि भारत के तमाम किसानों को ‘कोरोना’ कर्फ्यू के दौरान ‘सामाजिक दूरी’ के नियमों का पालन करते हुए कृषि कार्य करने की इजाजत रहेगी। खबर सुनते ही किसानों के चेहरों की चमक गाँवों के गलियारे में देखने लायक थी। रात … Read more