कुछ समय तो बैठो ‘बुजुर्गों’ के पास
हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हमारे संस्कारों में बुजुर्गों का अनुभव बहुत कारगर साबित होता है। सामाजिक परिदृश्य में देखें तो ऐसा कह सकते हैं कि बड़े-बुजुर्ग वृटवक्ष होते हैं। उनकी छत्र-छाया में हम परिजन सुखी रहते हैं, पर आज-कल परिवारों में समय अनुरूप परिवर्तन के दौर में उन्हीं बुजुर्गों को वृद्धाश्रम में जाने को … Read more