हिम्मत रखकर उत्साह व साहस से किए कार्य की सफलता निश्चित

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** साहस-उत्साह-हिम्मत… बिना डरे अर्थात परिणाम की परवाह किए बिना जब किसी का भी सामना करते हैं, तब वह कार्य ‘साहस’ कहलाता है। उसी प्रकार जब किसी भी कृत्य को पूरा करने पर उतारू हो जाते हैं, तब उसे हम उत्साह मानते हैं। इसी कड़ी में जब किसी भी कठिन कार्य को … Read more

पाकिस्तान में फौजी भ्रष्टाचार

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* पाकिस्तान की फौज को दुनिया की सबसे ज्यादा भ्रष्ट फौज माना जाता है। पाकिस्तान का हर महत्वाकांक्षी नौजवान फौज में भर्ती होना चाहता है, क्योंकि वहां मूँछों पर ताव देकर रहना और पैसा बनाना सबसे आसान होता है। पाकिस्तान के लोग फौजियों का जरूरत से ज्यादा सम्मान करते हैं या उनसे बहुत … Read more

समझना होगा ‘आबादी नियंत्रण’ और ‘आबादी बढ़ाओ’ को

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** समस्या आजकल ‘आबादी नियंत्रण’ और ‘आबादी बढ़ाओ’ में एक बहस चल रही है। कुछ देश आबादी नियंत्रण के दुष्परिणामों को भोग रहे हैं, वहां बच्चे और बूढ़े दो वर्ग बचे हैं। युवा वर्ग नदारत हो गया है तो कुछ देश इन देशों से शिक्षा लेकर ‘आबादी बढ़ाओ’ की तरकीब पर चल रहे हैं।भारत … Read more

कब तक धर्म विशेष के कानून से शोषण ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** आजादी के अमृत महोत्सव मना चुके भारत देश के सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान धर्मनिरपेक्ष कानून होना चाहिए। संविधान के संस्थापकों ने राज्य के नीति निदेशक तत्व के माध्यम से इसको लागू करने की ज़िम्मेदारी बाद की सरकारों को हस्तांतरित कर दी थी, लेकिन पूर्व सरकारों ने मत बैंक के … Read more

यह आरोप कहां तक सही ?

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** लड़के ने तस्वीर माँगी और आपने दे दी,लड़के ने मोबाइल नंबर माँगा और आपने दे दिया, लड़के ने वीडियो कॉल के लिए कहा और आपने कर लिया, लड़के ने मिलने के लिए कहा और आप माता-पिता को धोखा देकर मिलने चली गई, लड़के ने पार्क में बैठकर आपकी प्रशंसा करते हुए आपको … Read more

कर्म को ही धर्म और मानव मूल्यों को समझने की जरूरत

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** आनंद लूट ले बंदे, तू प्रभु की बंदगी का,न जाने छूट जाए, कब साथ जिंदगी का।क्या धर्म का यही मर्म है कि प्रभु की बंदगी करते रहो। अजी आपने गलत समझ लिया।प्रभु की बंदगी का मतलब यह नहीं है कि उनके चित्र रखकर पूजा-पाठ करते रहो। यह तो कोरा दिखावा है। प्रभु … Read more

बढ़ती जनसंख्याःक्या-क्या करें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* संयुक्त राष्ट्र संघ की ताजा रपट के मुताबिक दुनिया की आबादी ८ अरब से भी ज्यादा हो गई है। पिछले ५० साल में दुनिया की जनसंख्या जितनी तेजी से बढ़ी है, पहले कभी नहीं बढ़ी। अभी तक यही समझा जा रहा था कि चीन दुनिया का सबसे बड़ी आबादीवाला देश है, लेकिन … Read more

अपने विनाश को रोक लो, नहीं तो…

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** अंतरराष्ट्रीय मांसहीन दिवस (२५ नवम्बर)विशेष… वर्तमान समय में रहन-सहन एवं खान-पान में काफी परिवर्तन हुआ है। लोगों ने तमाम प्रकार के जंक फूड के साथ-साथ अनेक जानवरों के मांस को भी खाना प्रारम्भ कर दिया है। मांसाहार हमेशा से ही मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रहा है, यह लोगों में कैंसर, मधुमेह, रक्तचाप, … Read more

जलवायु संकट:अमीर देशों की उदासीनता खतरनाक

ललित गर्गदिल्ली************************************** जलवायु परिवर्तन के संकट से निपटने के लिए अमीर एवं शक्तिशाली देशों की उदासीनता एवं लापरवाह रवैया एक बार फिर मिस्र के अंतरराष्ट्रीय जलवायु शिखर सम्मेलन में देखने को मिला है। दुनिया में जलवायु परिवर्तन की समस्या जितनी गंभीर होती जा रही है, इससे निपटने के गंभीर प्रयासों का उतना ही अभाव महसूस … Read more

भाषा संयम खोती राजनीति

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* इस सत्य को कोई भी नकार नहीं सकता है कि, जिस समाज की भाषा में सभ्यता होती है, उस समाज में भव्यता और दिव्यता होती है। किसी चुनाव से पहले धुआँधार प्रचार के ज़रिए मतदाता तक पहुँचने के चक्कर में आज राजनीति अपना भाषा संयम खोती चली जा रही … Read more