साहस से ही संसार की राह

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* साहस-उत्साह-हिम्मत…. साहस-उत्साह हर जीव के लिए एक आवश्यक मानसिक शक्ति, विचार या आत्म प्रदत्त भाव या बल है, जो शारीरिक बल में या परिस्थितियों में बलहीन होने पर भी व्यक्ति विशेष से बडे़-बडे़ कार्य करवाता है। यह हर व्यक्ति में अलग-अलग, हर बच्चे, युवा, बुजुर्ग, हर स्त्री-पुरूष के लिए विभिन्न … Read more

महत्वपूर्ण सवाल ‘हम कब सुधरेंगे ?’

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** श्रद्धा हत्याकांड… अभी कुछ दिन से जो पढ़ने में आ रहा है, वह यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्याहमारी पीढ़ी अपने बच्चों के लिए सही फैसले ले रही है ? बात कड़वी लगे तो लगे, पर आज इन हिन्दू बच्चियों की इस हालत की जिम्मेदार इनकी वो तथा … Read more

दोष राहुल का नहीं, पट्टी पढ़ाने वालों का

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राहुल गांधी की अच्छी-खासी भारत-यात्रा चल रही है, लेकिन पता नहीं क्या बात है कि वक्त-बेवक्त उसमें वे पलीता लगवा लेते हैं। पहले उन्होंने जातिय-जनगणना के सोए मुर्दे को उठा दिया, जिसे उनकी माता सोनिया गांधी ने खुद दफना दिया था और अब उन्होंने महाराष्ट्र में जाकर वीर सावरकर के खिलाफ बयान … Read more

समाज के लिए यह सम्बन्ध ठीक नहीं

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** हिंदुस्तान के माथे पर आज एक और कलंक आफताब और श्रद्धा की ‘लिव इन रिलेशनशिप’ की कहानी के दर्दनाक अन्त से लगा है। आज के इस अंध आधुनिकता के दौर में हमारी युवा पीढ़ी पश्चिम की अति स्वतंत्र प्रिय सभ्यता को अपनाने में उतारू है और उसी पागलपन के नशे में … Read more

दूषित कार्मिक सम्बन्धों की समाप्ति से ही स्वर्णिम युग

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** अनन्तकाल से संसार में अनेक मनुष्यात्माओं का आना-जाना चला आ रहा है। साकार मनुष्यलोक में आते ही हमारा अन्य आत्माओं से सम्बन्ध जुड़ जाता है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें तो आत्म उन्नति द्वारा जीवन यात्रा को सुगम बनाने हेतु सहयोग करने के लिए आत्माओं का एक-दूसरे से जुड़ना पूर्व जन्म में … Read more

पते की बात कही मुख्य न्यायाधीश और गृह मंत्री ने

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* आज देश के किसी न्यायाधीश या नेता की हिम्मत नहीं पड़ती कि भाषा के सवाल पर वे इतनी पुख्ता और तर्कसंगत बात कह दें। मुख्य न्यायाधीश धनंजय चंद्रचूड़ ने संगोष्ठी में बोलते हुए कह दिया कि कोई यदि अच्छी अंग्रेजी बोल सकता है तो इसे उसकी योग्यता का प्रमाण नहीं माना जा … Read more

दुनिया को सहनशीलता की आज ज्यादा जरूरत

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘विश्व सहनशीलता दिवस’ (१६ नवम्बर) विशेष शांति, लोकतंत्र-व्यवस्था और सतत विकास प्राप्त करने के लिए सहनशीलता एक आवश्यक शर्त है। इंसान, विशेषतः युवा पीढ़ी में जल्द उत्तेजित हो जाने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ‘गर्म खून’ और ‘लड़कपन’ कह कर युवाओं में बढ़ रही इस दुष्प्रवृत्ति को हम नजरअंदाज कर देते … Read more

मानसिक शांति का सर्वश्रेष्ठ सूत्र ‘न्यूनतमवाद’

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** थोड़ा है, ज्यादा की जरूरत नहीं’ के सिद्धांत पर जापान चल रहा है। बड़े घर, बड़ी गाड़ियाँ, बड़ी जमीनों को तिलांजलि दे रहे हैं। यहाँ कें लोगों ने सीमित कपड़े, न्यूनतम सामान की नई राह पकड़ी है, और दावा किया जा रहा है कि वे पहले से अधिक खुश हैं। दिखावटी साजो-सामान वे … Read more

बच्चों को चरित्रवान बनाना बहुत बड़ी चुनौती

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** दाम्पत्य जीवन में शिशु की किलकारी के साथ सन्तान के रूप में नए सदस्य के आगमन का क्षण अत्यन्त ही सुखद और महत्वपूर्ण होता है, जो परिवार की पूर्णता को प्रमाणित करने के साथ उसकी श्रेष्ठ पालना का महत्वपूर्ण दायित्व भी माता-पिता को सौंपता है। अक्सर अभिभावक अपनी सोच, समझ और … Read more

एक-जैसा कानून सबके लिए कैसे ?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* भाजपा राज्यों की सरकारें एक के बाद एक घोषणा कर रही हैं कि वे समान आचार संहिता अपने-अपने राज्यों में लागू करने वाली हैं। यह घोषणा उत्तराखंड, हिमाचल और गुजरात की सरकारों ने की हैं। अन्य राज्यों की भाजपा सरकारें भी ऐसी घोषणाएं कर सकती हैं, लेकिन वहां अभी चुनाव नहीं हो … Read more