बारिश और बचपन

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ निया ऑफिस से निकली कि स्कूटी स्टार्ट करते ही बादलों की रिमझिम से उसका मन भीग कर बचपन में पहुँच गया था। जब बारिश में अपने संगी साथियों के साथ भीगना, झूला झूलना, गीत गाना और डांस करना उसका सबसे प्रिय काम था। उन्हीं यादों में खोया हुआ उसका मन उल्लसित एवं … Read more

बदनाम गली का घर

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “मिहिर, मैंने आपके कपड़े और टिफिन बैग में रख दिए हैं।”उसने आँखों ही आँखों में प्यारी पत्नी मानी को अपनी कोठरी के अंदर आने का इशारा किया और उसके अंदर आते ही उसे अपनी बाँहों में भर लिया था… “मानी तुझे छोड़ कर जाने का बिल्कुल भी मन नहीं करता, लेकिन मेरी … Read more

मीठी-सी छुअन

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ मीति और मधुर बचपन से एक ही स्कूल में पढ़ते थे। फिर मधुर के पिता का निधन हो गया तो वह सरकारी स्कूल में पढ़ने लगा था, परंतु गाहे-बगाहे मीति से उसकी नजरें मिल ही जातीं और दोनों के चेहरे पर अनायास मुस्कुराहट आ ही जाती। दोनों ने कॉलेज में एडमिशन ले … Read more

मन्नत

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** राज एवं रश्मि पति-पत्नी थे।दोनों का दाम्पत्य जीवन अच्छी तरह से चल रहा था। एक दिन किसी बात पर राज और रश्मि की लड़ाई हो गई। इस वक्त रश्मि ने कहा-“मैं मायके जा रही हूँ।”रश्मि के ये शब्द सुनकर राज ने कहा-“तुम मायके जा रही हो, तो मैं मंदिर … Read more

जेठ की धूप

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ जेठ महीने की चिलचिलाती धूप में पसीने से लथ-पथ सरला सिर पर ईंट रख कर ढो रही थी। आज कई दिनों के बाद उसे काम मिला था। पेट की आग जो न करवाए, वह थोड़ी है। ६ वर्षीय मुन्नी अपने ३ वर्षीय भाई नन्हें छुट्टन के साथ पेड़ की छाँव में बैठी … Read more

कुसुमलता

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘कुसुमलता’ नाम था उसका,पूरी सोसायटी में कोई ऐसा नहीं था, जिसे उसका नाम न पता हो।वो थी ही ऐसी, साफ-सुथरे कपड़े पहनती, सबका यथायोग्य आदर करती, सब उससे बहुत खुश रहते।बस उसकी एक आदत सबको बहुत परेशान करती है, वह यह कि वो अपने पास मोबाइल नहीं रखती। इससे सभी को कठिनाई … Read more

बोन मैरो

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “माँ मैं नर्वस फील कर रही हूँ, इतने बड़े स्टेज पर बैठ कर गीत गाना मुझसे नहीं होगा। मैं अपना नाम वापस लेती हूँ।”सरिता जी ने बेटी के सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए कहा,- “लाड़ो, जीवन में ऐसे अवसर बार- बार नहीं मिलते हैं। तुम्हें अपनी- प्रतिभा सबके समक्ष प्रदर्शित … Read more

जंग और सिंदूर की कीमत

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* रीना की कल ही शादी हुई, पति से साथ एक ही रात गुज़री कि सैनिक पति राकेश को आर्मी हेड क्वार्टर से छुट्टियाँ रद्द होने और ड्यूटी जवॉइन करने का बुलावा आ गया।इस पर राकेश उदास हो गया, पर नवविवाहिता रीना ने उसका हौसला बढ़ाते हुए उसे उसका फ़र्ज़ याद कराया, … Read more

परेड का अधूरा सपना

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ १० जून का वह खास दिन… जब नीला का नेशनल डिफेंस एकेडमी की पासिंग ऑउट परेड में शामिल होने का सपना पूरा होगा और वह देशसेवा का संकल्प लेगी। उसका सपना मूर्त रूप लेकर साकार होगा। आज सुबह से ही उनका रोम-रोम पुलकित था, मन प्रफुल्लित और दिल हर्षित था…।सैनिक वर्दी को … Read more

बेटी के घर का पानी

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** श्यामलाल जी और विनोद जी आपस में समधी थे। श्यामलाल जी की बिटिया स्वाति का विवाह विनोद जी के पुत्र सुभाष के साथ करीबन ३ महीने पहले ही हुआ था। श्यामलाल जी पुराने विचारों को मानते थे।पहली बार जब श्यामलाल जी बिटिया की ससुराल आए तो विनोद जी ने … Read more