राखी का कर्ज़

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रक्षाबंधन की सुबह थी। आँगन में तुलसी के पास दीपक जल रहा था। सिया ने थाली सजाई—रोली, अक्षत, दीप और वर्षों पुरानी वह राखी, जिसे उसने इस बार बहुत सँभालकर रखा था।   उसका छोटा भाई मोहन शहर में दिहाड़ी मजदूरी करता था। पिता के निधन के बाद घर की … Read more

१ पौधा

राधा गोयलनई दिल्ली************************************** “दादी! इस बार मेरे जन्मदिन पर मुझे पौधा लगाने के लिए मत कहना। मुझे बहुत पढ़ाई करनी है। पता है ना १२वीं क्लास में आ गया हूँ। अच्छे नंबर नहीं आयेंगे तो अच्छे कॉलेज में एडमिशन भी नहीं मिलेगा।” पोते ने कहा।दादी- “बेटा! एक पौधा लगाने में कितनी देर लगती है ? … Read more

‘परफेक्ट बहू’ का भूत

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)********************************** राधिका की तबियत खराब थी, इसलिए निशा अपनी सहेली का हाल-चाल लेने आई थी। राधिका उससे फोन पर अपनी बहू नैना की बहुत तारीफ किया करती थी।हर समय यही कहती, कि मेरी बहू तो परफेक्ट बहू है।जब नीरज की शादी हुई थी, तब वह इंडिया में नहीं थी। अब तो उसकी शादी … Read more

समय

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** सुशील ऑफिस के लिए तैयार हो रहा था, तभी मोबाइल की घंटी बजी। स्क्रीन पर माँ का फोटो उभरा था। माँ को तो कोई काम नहीं है, वक्त बेवक्त फोन खटखटा देती हैं। काफी देर तक घंटी बजती रही, लेकिन वह आराम से तैयार होता रहा। वह जानता था, कि उनके पास … Read more

मूसलाधार बारिश

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** सारी रात मूसलाधार बारिश ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। बादल की भयंकर गर्जना और बिजली की चमक के कारण रात में कई बार चौंक कर मानसी उठ बैठी थी। सुबह ही उसको नींद लगी थी।   सुबह के ६ बजे थे। हल्का-हल्का उजियारा होना शुरू ही हुआ था।  मौसम थोड़ा ठंडा भी हो रहा था। … Read more

भरोसा

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)********************************************** बड़े शहर की भीड़ में सावित्री नाम की एक विधवा अपने छोटे से संसार के साथ जी रही थी। उसके जीवन का एकमात्र सहारा थी उसकी ११ वर्ष की बेटी रिया। दिनभर वह घर-घर जाकर बर्तन माँजती और रात को सिलाई करती। उसके हाथों की मेहनत का एक ही सपना था कि … Read more

छोटे लोग, छोटी बातें

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************************** परिवार में जब कई सदस्य हों तो काम बढ़ ही जाता है। मुझे याद है मैं, मेरा भाई, दादी और मेरे चाचा और माँ-पापा, सब मिला कर छः लोग थे। माँ को पैरों में अक्सर दर्द हो जाता, बहुत भाग-दौड़ वाला काम नहीं कर पातीं थीं। वैसे जब तक सब घर में … Read more

वह लंबे हाथ

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )********************************************** जोर-जोर से बिजली चमक रही थी, तेज बारिश हो रही थी, खिड़की का दरवाजा बार-बार अंदर बाहर होकर आवाज कर रहा था, इतने में लाइट चली गई।“मम्मी, मम्मी कहाँ हो आप ? जल्दी आकर, देखो! खिड़की के पास कोई खड़ा है। उसके लंबे हाथ मुझे पकड़ने की कोशिश कर रहे … Read more

विनाश का प्रमुख कारण अहंकार

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** एक छोटे से गाँव में एक प्रतिभाशाली मूर्तिकार रहता था, जिसका नाम था रमेश। उसे मूर्तिकला से गहरा लगाव था, और उसने अपनी पूरी ज़िंदगी इस कला को समर्पित कर दी। सालों की मेहनत से उसकी कला इतनी निखर गई कि उसकी हर मूर्ति में जान-सी मालूम पड़ती थी। गाँव के … Read more

दातून करना भूल चुके हो…तो

राधा गोयलनई दिल्ली**************************************** “आए दिन तुम्हारे दाँतों में कुछ न कुछ समस्या होती ही रहती है। डॉक्टर के पास ही चक्कर लगते रहते हैं, लेकिन फर्क कुछ नहीं पड़ा। कोलगेट टूथपेस्ट छोड़ा तो डॉक्टर के कहने पर पैप्सोडेण्ट शुरू कर दिया।“   “तो आप ही बताओ ना कि क्या करें ? दाँत किस पेस्ट से साफ … Read more