पहला-पहला प्यार…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ रावी अपने दोनों हाथों में शॉपिंग बैग्स पकड़ी हुई खुशी से चहकती हुई पति अर्जुन के साथ बात करती हुई मॉल से निकल रही थी तभी उसकी ऩजर एक स्मार्ट से युवक पर पड़ी। उसको पहचानते ही वह ठिठक गई थी… लेकिन यह क्या… वह तो उन लोगों की तरफ ही आ … Read more

अपरिहार्य

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** देवकी रोज़ की तरह अपने घर का सारा काम निपटा कर अपने सास, ससुर बेटा, पति सबका नाश्ता टेबल पर लगाकर और अपना नाश्ता हाथ में लिए ऑफिस जाने के लिए निकल गई। देवकी सरकारी दफ्तर में कार्यरत थी। देवकी और उसकी सहेली उर्मिला दोनों साथ में दफ्तर जाते और साथ … Read more

प्यारी बतख

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* “मम्मी, देखो ना… कितनी प्यारी बतख आई है, अपने बगीचे में!!”मेरे ७ वर्षीय पुत्र शिव ने उत्साह और आश्चर्य मिश्रित स्वर में मुझे पुकारा। मैंने देखा, एक छोटी-सी बतख फूलों की क्यारियों के मध्य छुपने की कोशिश कर रही थी। मैंने तुरंत बेटे से कहा कि,-“उसके पास मत जाओ.. शायद बतख … Read more

दोष किसका ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियाँ थी। नरपत काका के चारों बेटे खेतों में जी-जान से जोर लगा रहे थे। उम्मीदें सबकी ये थी कि इस बार खूब फसल होनी चाहिए। फसल से जो कमाई होगी, बाबा वह जरूर हमारी शिक्षा पर खर्च करेंगे।नरपत काका अपना पेट मसोस कर बच्चों की अच्छी … Read more

तन-मन सराबोर

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ ‘आज बिरज में होरी रे रसिया’ गले में ढोलक लटकाए हुए गुलाटी जी गुलाल उड़ाते हुए होली के खुमार में पूरी तरह डूबे हुए रमन को आवाज दे रहे थे। वह तो पहले से ही प्लेट में गुलाल और गुझिया सजा कर तैयार बैठे थे। बस शुरू हो गया ‘रंग बरसे भीगे … Read more

पिचकारी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ रंग बरसे… (होली विशेष)… सुखिया की सुबह जैसे ही आँख खुली थी, उसका पोर-पोर दर्द से दु:ख रहा था। तभी बगल में लेटे अबोध लालू ने अपनी फरियाद सुना दी थी,-“अम्मा मोहे भी पिचकारी चाही।”बेटे की आवाज सुनते ही माँ के शरीर में नयी ऊर्जा आ गई और सोचने लगी कि वह … Read more

बदनसीबी

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** हिमाचल की हसीन वादियों की एक चोटी पर नंदू का भी अपना एक छोटा-सा घर परिवार है। वह अपने परिवार के भरण पोषण के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करता है। न सुबह की परवाह, न सांझ की खबर, बस लगा रहता है। उसकी १ बेटी है और १ बेटा। बेटी का … Read more

क्या बाप का नाम जरूरी… ?

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** ऊपर की कोठरी से सिसकने के साथ-साथ बतियाने की आवाजें आ रही थी। “तुम ठीक कहती थी दादी। सच में औरत का सबसे बड़ा दुश्मन उसका शरीर होता है। अगर तो वह कुछ सुंदर हुआ, तो तब तो और भी आफत समझो।”“मैं तो तुझे कब से समझा रही थी बेटी, पर … Read more

ए.आई.

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** निर्मला अपनी सहेली से फोन पर बात करने में व्यस्त थी। “मम्मी, मम्मी मुझे इस क्वेश्चन का आंसर नहीं मिल रहा, प्लीज बता दो ना।” “सनी दिखाई नहीं दे रहा, मैं अपने फ्रेंड से बात कर रही हूँ, डिस्टर्ब मत करो। जाओ, ए.आई. से पूछो।”सनी मुँह लटकाए रूम में चला … Read more

जात-पात

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** अपनी अरुणिमा को बिखेरते हुए सूर्य देव हिमालय की पावन वादियों में पहाड़ियों के बीचों-बीच बसे इस छोटे से सुंदर एवं सुरम्य गाँव को ऐसे नहला रहे थे, कि मानो आद्या सुंदरी, परा शक्ति प्रकृति का चाकर बन कर अपनी सेवाएं नियमित दे रही हो। घाटी के इस छोटे से गाँव … Read more